ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  हम पर तीर अब ऩजरो के चलाने दे, दिल मे खिलते फूलों को महकाने दे।   काली जुल्फों को मुखड़े पर आने दे, अपने साये को इतना समझाने दे।…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

  चैतन्य तरुण हो गयी धरा ,जब से मेघा जल बरसाये । कोयल ने राग विरह छोड़ा, मल्हार राग फिर दुहराये ।।   धरती ने मैल क्षरण करके, देखो नव…

प्रशंसा : रिश्तों को मधुर, मजबूत और जीवंत बनाने की कला – डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद

vivratidarpan.com – प्रशंसा, जिसे हम ‘हौसला अफ़ज़ाई’ भी कहते हैं, जीवन के हर पड़ाव पर हमारी ऊर्जा और उमंग को न केवल बनाए रखने का कार्य करती है, बल्कि हमें…

डॉ. सत्यवान सौरभ की किताब : माटी री बोली में घुली कविता री आत्मा

vivratidarpan.com – हरियाणा रा नाम आवै तो मन मैं दूध-दही, खेत-खलियाण, पहलवान, चौपाल, बागड़ी-जेबड़ी बोली अर सादगी भर्यी जिन्दगी सै। पर इस हरियाणा री धरती तले जड़ी माटी में एक…

राधे का कान्हा – सुनील गुप्ता

  राधे का कान्हा मन जीवन को साधे  ! बोलते राधा-राधा…, बसें श्याम, मन भावे !!1!!   योगेशं वसुदेवसुतं कृपासिंधु राधे-राधे ! देवकी परमानंदं…., मुरलीधर, कान्हा मोरे !!2!!   तन…

वापस लौट आओ – श्याम कुंवर भारती

  जब से छोड़ गया मुझे तू याद बहुत आता है। करके तन्हा मुझे दिन रात बड़ा तू रुलाता है।   फैली है हर तरफ खुशबू तेरी हवाओ में। हर…

सपनों का झूला – डॉ. सत्यवान सौरभ

  झूला झूलें सपनों  वाला, नीले गगन का है ये पाला। हवा संग बातें, बादल की चाल, छोटे-छोटे पंख, बड़ा हौसला बेहाल।   चंदा मामा की मीठी हँसी, तारों की…

 कोदंडधारी राम – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  राम नाम सुख धाम जपा करें आठों याम, गुंजन श्रीराम नाम मन में सदा रहे।   लखन सिया साथ में, रख कोदंड हाथ में, पिता का वचन वन जाकर…

कहीं गर मिल जाये कल हम – गुरुदीन वर्मा

  करेंगे बात क्या हम तुम, कहीं गर मिल जाये कल हम। पूछेंगे हाल क्या हम तुम, या फिर बोलेंगे कुछ नहीं हम।। करेंगे बात क्या हम तुम———————–।।   ना…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  योग साधना सरल नहीं है, मन का पंछी चंचल है । काम कठिन काबू में रखना ,कोशिश जारी हर पल है ।   जिंदा लोगों की दुनिया में ,मुर्दों…