माँ सरस्वती – सुनील गुप्ता

( 1 )” माँ “, माँ शारदे भगवती वाग्देवी सरस्वती करते हैं नमन वंदन स्तुति ! आपसे मिलती हमको शक्ति…., करें नित बारम्बार आपकी भक्ति !! ( 2 )” स…

दर्द में भी – त्रिशिका धरा

दर्द में भी हंस के जीना आ गया, अब हमें भी अश्क़ पीना आ गया। ज़ख़्म इसने था दिया हम को कभी, जनवरी का फिर महीना आ गया। हम को…

वेदने तू धन्य है री – अनुराधा पाण्डेय

सतत हर्ष में भीड़ सी इक लगी थी, अकेला मगर आज संताप मेरा।   जगत रीत तो ज्ञात थी पूर्व से ही, कभी कंटकों में न जग साथ देगा। पता…

नेताजी – रुचि मित्तल

वो तस्वीर नहीं थे जो दीवार पर टाँग दी जाए वो सवाल थे जो हर गुलामी से सीधा टकराता है। जब बोलना सुरक्षित था, तब उन्होंने लड़ना चुना। जब भीख…

साथ निभाना साथिया – शिवनाथ सिंह

साथ निभाना साथिया, तुम भूल नही जाना  । कदम आगे ही बढाना,पर तनिक ना घबड़ाना  ।   मंजिले फिर मिलेगीं , हम कामयाब होंगे । हरदम जो साथ मिल कर,…

भोजपुरी सरस्वती गीत – श्याम कुंवर भारती

पूजीला चरण माई हम तोर, हे मइया विद्या के दानी। बिनवा के होला बड़ा शोर, हे मईया विद्या के दानी। हंस के सवारी औरी हथवा में विनवा। दे दा विद्या…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

ऐसा है मेरा यार,मै तकरार क्या करूँ? तू बेवफा है तुझसे भला प्यार क्या करूँ?   पलके झुका ली मैने कि इज़हार क्या लिखूँ, नाकाम मोहब्बत पे  मैं यल़गार क्या…

अधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ता

अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।। अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।। सबने पलकों पे…

कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति को किया सम्मानित

vivratidarpan.com – विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली में ईश्वर चंद्र विद्यावाचस्पति मनकापुर (गोंडा): मेंहदावल संत कबीर नगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक वरिष्ठ कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति को विश्व पुस्तक मेला प्रगति…

कविता – जसवीर सिंह हलधर

मिला खून माटी उगाता हूँ दाने,यही साधना मैं इसी का पुजारी । नहीं धूप देखूँ नहीं छांव देखूँ , पड़े पाँव छाले नहीं है सवारी ।। मरूँ भूख से या…