अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।। अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।। सबने पलकों पे…
vivratidarpan.com – विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली में ईश्वर चंद्र विद्यावाचस्पति मनकापुर (गोंडा): मेंहदावल संत कबीर नगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक वरिष्ठ कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति को विश्व पुस्तक मेला प्रगति…