ख़ामोशियां भी बहुत कुछ बोलती हैं – डाॅ. फ़ौज़िया नसीम शाद

vivratidarpan.com –  मनुष्य का जीवन केवल शब्दों और ध्वनियों पर आधारित नहीं है। असली भावनाएँ उन अनुभवों से निर्मित होती हैं, जिन्हें हम अपनी चुप्पी में छिपा लेते हैं। तभी…

नजरिया से दूर कईलू – श्याम कुँवर भारती

  सावन में भारती भइले बदनाम हो नजरिया से दूर कईलु सजनी।   लोगवा हमे तोहरे नाम से बुलावेला, प्रेमवा के लुगती हीया लहकावेला। बरसेले अंखियां शुबह शाम हो। नजरिया…

जिन्दगी धारावाहिक सी – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) जिन्दगी धारावाहिक सी, नित्य यहाँ पे चला करती !!   ( 2 ) कभी खुशियाँ परोसती, तो कभी गम ये दिखलाती !!   ( 3 )…

शुक्रिया – रेखा मित्तल

  नजरिया बदलो नजारे बदलेंगे क्यों शिकायत करें उस ईश्वर से? हमें सब कुछ नहीं मिला पेट भरने का वादा किया है पेटियां भरने का तो नहीं ? वह तो…

बंधन – अनिरुद्ध कुमार

  सुंदर बंधन प्रेम का, जीवन का आधार। सबकें मन में प्रेम से, सुखमय हो संसार।।   बंधन से दुनिया चलें, यह दुनिया का सार। धरती सूरज चाँद से, रातो-दिन…

हिंदी काव्य संकलन “प्रेम…एक अहसास” हेतु रचनाकारों से कविताएँ आमंत्रित है – डॉ जसप्रीत फ़लक

  vivratidarpan.com – ‘कथा कारवाँ  प्रकाशन’, लुधियाना, पंजाब (रजि).की ओर से  स्व-रचित कविताओं का एक सांझा संकलन प्रकाशित करने की भावी योजना है। गत वर्षों सुधी जनों के मार्ग दर्शन…

छुट्टी का दिन – डॉ. सत्यवान सौरभ

  छुट्टी आई, चलो खेलें, मिट्टी में घर-घर बनाएं। कागज़ की कश्ती बनाकर, बारिश में उसे तैराएं।   सूरज की किरणें मुस्काएं, पंछी भी गाएं गीत प्यारे। दोस्तों संग हँसी-खुशी,…

मेरे हसीन ख्वाबों की रानी – गुरुदीन वर्मा

  ना जानूँ कैसी होगी, ना मालूम कहाँ होगी, मेरे हसीन ख्वाबों की रानी। उसको मैं क्या नाम दूँ , उसको कैसे बुलाऊँ, बसी है जो दिल में दीवानी।। ना…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  साथ तेरा भी गुलजार सा हो गया, दिल मेरा यार लाचार सा हो गया।   प्यार फूलों सा महका बड़ा रात भर, नींद आना भी दुश्वार सा हो गया।…

हरिद्वार से विद्या वाचस्पति सम्मान से सम्मानित साहित्यकारों को जमशेदपुर में किया गया पुनः सम्मान  

  vivratidarpan.com जमशेदपुर – काव्य मंच  “साहित्य कला चौपाल”  के अंतर्गत, अनीता सिंह संस्थापक सह अध्यक्ष, कृष्णा दीदी महासचिव एवं निवेदिता श्रीवास्तव ‘गार्गी’ सचिव के संयोजन में स्वाधीनता दिवस पर…