vivratidarpan.com – मनुष्य का जीवन केवल शब्दों और ध्वनियों पर आधारित नहीं है। असली भावनाएँ उन अनुभवों से निर्मित होती हैं, जिन्हें हम अपनी चुप्पी में छिपा लेते हैं। तभी…
सावन में भारती भइले बदनाम हो नजरिया से दूर कईलु सजनी। लोगवा हमे तोहरे नाम से बुलावेला, प्रेमवा के लुगती हीया लहकावेला। बरसेले अंखियां शुबह शाम हो। नजरिया…
vivratidarpan.com – ‘कथा कारवाँ प्रकाशन’, लुधियाना, पंजाब (रजि).की ओर से स्व-रचित कविताओं का एक सांझा संकलन प्रकाशित करने की भावी योजना है। गत वर्षों सुधी जनों के मार्ग दर्शन…
छुट्टी आई, चलो खेलें, मिट्टी में घर-घर बनाएं। कागज़ की कश्ती बनाकर, बारिश में उसे तैराएं। सूरज की किरणें मुस्काएं, पंछी भी गाएं गीत प्यारे। दोस्तों संग हँसी-खुशी,…
vivratidarpan.com जमशेदपुर – काव्य मंच “साहित्य कला चौपाल” के अंतर्गत, अनीता सिंह संस्थापक सह अध्यक्ष, कृष्णा दीदी महासचिव एवं निवेदिता श्रीवास्तव ‘गार्गी’ सचिव के संयोजन में स्वाधीनता दिवस पर…