भोजपुरी पचरा देवी गीत – श्याम कुंवर भारती

  बैठी के भवनवा असमनवा में उड़ी कर अपने भुलइलू पहड़वा देवी मईया।   नयनवा रतिया दिनवा झरे लोर ढर ढर , रहिया जोहत दिन बीतेला देवी मईया।   बहेला…

शहीदे-आज़म (छंद) – जसवीर सिंह हलधर

  विद्यावती का दुलारे,किशन का पुत पप्यारे, खालसा की नेक पहचान थे भगत सिंह । जालियां वाला घाव, दिल में संजोए रखा, वीरता का ख़ास प्रतिमान थे भगत सिंह ।।…

बहरारे वाली दुर्गे मां – अनिल भारद्वाज

  बहरारे वाली दुर्गे मां शिला से बाहर आ मेरी मां। दर्शन देने को मेरी मां शिला से बाहर आ मेरी मां।   नौ रूपों में से माता इक तो…

भोजपुरी देवी पचरा गीत(आल्हा धुन) – श्याम कुंवर भारती

छछने जैसे पानी बिन मछरिया वैसे छटपटाए माई बिन बलकवा। बलका के रोवत सुन माई धावत आय। हमहूं पुकारी माई कालिका भवानी आके माई लेतु मोर लजिया बचाय।। जइसे अकसवा…

मेरी कलम से – नीलांजना गुप्ता

  उन्मुक्त हृदय की वीणा से, सासों की सरगम बजती है। भावों की श्रद्धाजंलि लेकर, संगीत की प्रतिमा सजती है।   तब मन मयूर इस जीवन का, वह परम् तत्व…

मतलबी यार किसके,खाया-पिया खिसके (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – बरसों पहले रजत पट पर एक फ़िल्म आई थी – दुश्मन। जिसमें एक गीत था – दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से भी प्यारा है। ऐसे ही दोस्तों के…

कभी – रुचि मित्तल

  तेरी साँसों की नमी मेरे खयालों में भीग जाती है जैसे बरसात बिना बादल के उतर आए दिल की छत पर।   तू पास नहीं होता पर हर साज़…

याद में तेरे – सविता सिंह

  तुम्हारी याद में हमने जलाया दीप जो पल-पल, उसी की बुझी तीली से बनाया यादों का महल। कितनी बार बुझे हैं हम जलने को हर एक बार, प्रेम की…

संसार माई के – अनिरुद्ध कुमार

  लगन जागल करीं दर्शन, खुलल पट द्वार माई के, जहाँ देखी लगें जगमग, सजल दरबार माई के। सवारी शेर मनभावन, धरें कर भाल बा पावन, नयन में तेज बा …

यथार्थ – निहारिका झा

  लोग जो कल साथ थे होंगे नहीं कल जानता हूं। सृष्टि के इस नियम को कुछ तो पहचानता हूं। आना जाना जीना मरना सृष्टि का यह खेला जो आया…