अंग धारि धनु बाण,दिव्य ज्योति शक्ति प्राण, लखन सह श्रीराम ,जनक दुलारी है। भाल पड़ी जय माल,गाल हैं गुलाबी लाल, दशरथ सुपुत्र हुआ, राम धनुर्धारी है। अवनी…
दूर रहा सीमा भारत से सेना के जोर पांव उखड़ जाई। खेल मत खेला आतंक के खूनी चाल सब बिगड़ जाई। जब जब रचबा षडयंत्र पत्थरबाजी औरी घुसपैठी…
तो जैसे रुक गया समय का बहाव जैसे हर दिशा ने थाम ली साँसें जैसे खुदा ने रख दी हों दो हथेलियाँ मेरे काँपते कंधों पर। जब तू गले…
अब तुम्हें स्वीकार करने का हमारा मन नहीं है । धत! तुम्हारे प्रीत का हिस्सा रहे यह भूल जाना। पूर्व जीवन के कभी किस्सा रहे यह भूल जाना। नेत्र…
vivratidarpan.com – एक समय था, कि जब जूतम पैजार बड़ी हवेली में अधिक हुआ करती थी। जूते अधिक महंगे नहीं हुआ करते थे, तो पहनने के साथ साथ एक दूसरे पर…
( 1 ) ज़नाब संभलकर रहिए, इस ‘वफ़ादारी’, से ! कई बार देखा है हमने…, वफादारों को, यहाँ धोखा देते !! ( 2 ) बहाव जरूरी नहीं, कि,…
आज बादल थम नहीं रहें हैं, घनघोर बरस रहें हैं, कौन विरही मन छलक पड़ा होगा, काले मेघों का क्रोध बरसा, आकाश के घात से बिखरा, विश्वास का झीना…
तुम्हारे कांटे भी तुमको बचा न पाएंगे, इतना मत महको लोग तोड़ के ले जाएंगे। प्यारी सूरत पै तुम्हारी न रहम खाएंगे, तुम्हारे अश्क किसी को नजर न आएंगे, तुम्हारा…
सदा जगत व्यवहार में ज्ञान का रखिए मान। भास्कर के उदय होत ही मिटे दीप अभिमान।। ज्ञान जहाँ भी प्रकट हो मिट जाए सब क्लेश। त्रिगुण सम्पदा बसे…
नयन नीर जिस जन को लगता,प्यारा है, वहीं जगत के दृग का बनता, तारा है। सूख गया है जिसकी आंखों, का पानी, अपनों का अधिकार उसी ने, मारा…