क्या होगा – अनिरुद्ध कुमार

  जब रूठ जाये जिंदगी तो क्या होगा, अंजान सा हो आदमी तो क्या होगा।   सब चाहतें अपनी खुशी गैरों से क्या, सोंचो जमाना मतलबी तो क्या होगा।  …

अमलतास और गुलमोहर – रेखा मित्तल

  अमलतास और मैं महक रहा है अमलतास गुलमोहर पर भी आई बहार हरे पत्तों से लदा पेड़ अब तब्दील हुआ पीले झुमको में हर शाख पर है फूल खिले…

मैं समझाना चाहता हूँ  – गुरुदीन वर्मा

  मैं लोगों को समझाना चाहता हूँ, कि हमारे मन-मष्तिष्क, और हाथों से ऐसा न हो, कि जिसको सुधारने में, लग जाये करोड़ों वर्ष।   मैं लोगों को समझाना चाहता…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  दिल मे तिरछा सा बस गया कैसे, मन मे कान्हा समा गया कैसे।   आरजू दिल की तू जता कैसे, पालूं दर्शन तेरे बता कैसे।   रात दिन सोचती…

राष्ट्रीय कवि संगम उत्तराखंड इस बार भी “दस्तक नई पीढ़ी की” एवं “काव्य पदार्पण” का आयोजन दिसम्बर में

vivratidarpan.com देहरादन – हर वर्ष की भाँति राष्ट्रीय कवि संगम उत्तराखंड इस बार भी “दस्तक नई पीढ़ी की” एवं “काव्य पदार्पण” का आयोजन आयोजित करने जा रहा है। जिसके प्रतिभागियों…

छंद – जसवीर सिंह हलधर

  द्वापर की तोड़ फोड़ ,देख कंस की मरोड़ , देवकी की कोख में पधारे गिरधारी जी ।   भाद्र मांस काली रात , अष्ठमी तिथि की बात , जगती…

बूढ़ा हुआ संसार? ~ प्रियंका सौरभ

  **रजत के धागों से बुनी समय की श्वेत चादर, प्रशांत नभ की मौन गाथा, अतीत की बिखरी मुस्कान।   सांसों की तूलिका से, अमिट रेखाएं खींचता समय, पलकों पर…

अंगीकार- सविता सिंह

  चोरी-चोरी सबसे छिपकर, कहते नैन तुम्हारे अक्सर, जितना उनको समझ सके हम, क्या तुम इतना प्यार करोगे? बार-बार हर बार करोगे? क्या मुझको स्वीकार करोगे?? हमें नहीं चालाकी आती,…

प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक निवासखार में मटकी फोड़ प्रतियोगिता संपन्न

vivratidarpan.com मुंगेली। मटकी फोड़ प्रतियोगिता निवासखार लोरमी वनांचल ग्राम शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला निवासखार विकास खण्ड लोरमी, जिला मुंगेली में संयुक्त रूप से हांडी /मटकी फोड़ प्रतियोगिता का…

कच्चा धागा – रुचि मित्तल

  कलाई पर एक डोर बँधती है जो कहने को कच्चा धागा है पर ये प्रेम की डोर है यह डोर कहती है कि मैं हूँ तुम्हारे साथ चाहे तुम…