वक़्त – रुचि मित्तल

  कलाई पर नहीं टिकता अब बस उंगलियों से फिसलता है… जैसे रेत कभी तपती दोपहर-सा चुभता है तो कभी कंबल-सा लिपट जाता है ठंडी रातों में कभी रुका नहीं…

ॐ नमः शिवाय – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  जीवन भर हर सोम को, शिव का करिये ध्यान। जिनके  दर्शन  मात्र  से, होता  जग  कल्यान।।   अक्षत  चंदन पुष्प  ले, उनको  पूजें  आज। महादेव  आशीष   दें, वही   बनाएं …

स्वयं को ढूंढा नहीं – रश्मि मृदुलिका

  हमने स्वयं को ढूंढा नहीं, गुम रहने में ज्यादा सुकून था, हमने ओझल नयन कर लिए, और रास्ते गुमनाम कर लिए, अकेले चलने में मजा कुछ और था, अनुत्तरित…

उम्मीद कोई ऐसी हमसे – गुरुदीन वर्मा

  उम्मीद कोई ऐसी हमसे, आप अब कभी ना करें। भूलकर आपके सितम हम, आपसे प्यार करें।। उम्मीद कोई ऐसी हमसे—————–।।   कब से मुलाकात है अपनी, तुमने हमको क्या…

गीत- जसवीर सिंह हलधर

  नई मंजिलें हैं नए काफ़िले हैं । नई राह जुडतीं नए फ़ासले हैं ।।   गई छूट बस्ती जहां से चले थे । वहीं एक घर में सभी हम…

ग़ज़ल – कविता बिष्ट

  दो घड़ी हम साथ बैठे मुस्कराने के लिए, आ गई इल्ज़ाम दुनिया क्यों लगाने के लिए।   आपकी आँखें हैं मेरी ख़्वाबगाहें आजकल, और पलकें शामियाना सर छुपाने के…

ग़ज़ल – मणि अग्रवाल

  जो करे ख़ुद की बड़ाई आदमी किस काम का है । सिर्फ़ करता है ढिठाई आदमी किस काम का है।।   अर्थ, पद का दंभ पाले सोचता है रात-दिन…

पति, पत्नी, प्रेमी और पंचायत (व्यंग्य) – मुकेश”कबीर”

vivratidarpan.com – आपने पति,पत्नी और वो के तो अनेक किस्से सुने होंगे लेकिन हाल फिलहाल यूपी की रामपुर पंचायत में एक अद्भुत मामला आया है,जो पति,पत्नी,प्रेमी और पंचायत का है। एक…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  डूबते ख्यालों मे इश्क की दवा देना, प्यार तुमसे करते हैं तुम हमे वफा देना।   साथ मे तुम्हारे अब यार मुस्कुराना है, दोस्ती हुई तुमसे यार अब निभा…

खिल उठे गुलाब का लोकार्पण प्रेरणा हिंदी सम्मेलन में किया जाएगा

vivratidarpan.comजबलपुर – प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के दिल्ली हिंदी सम्मेलन व राष्ट्रभाषा अभिव्यक्ति सभा में देश भर से कवि साहित्यकार पत्रकार हिंदी प्रेमी आ रहे हैं। सभी के मन में…