रेनकोट जैसी फिल्में- ज्योत्स्ना जोशी 

  vivratidarpan.com – जब मैंने पहली दफ़ा  यह नाम सुना “रेनकोट” तो इस नाम ने मुझे इस क़दर फेसिनेटेड किया मुझे लगा कि फिल्म देखनी चाहिए आखिर रेनकोट के इर्द-गिर्द…

वक्ष पर धर सीस – अनुराधा पांडेय

  मैं तुम्हारे नेह में आबद्ध होकर वक्ष पर धर सीस मरना चाहती हूँ…. व्यग्र मेरे प्राण व्याकुल है प्रिये!सुन ले वलय में बाह के अभिसार कर ले । प्रीत…

नन्ही तितली – डॉ. सत्यवान सौरभ

  नन्ही तितली रंग-बिरंगी, फूलों पर बैठती झिंझिं। पंख फैलाए, नाचती जाए, खुशियों की खुशबू लुटाए।   धूप में चमके, हवा में उड़ें, सपनों की दुनिया में सबको बुलाएं। खेलें,…

हिंदी – सुनील गुप्ता

है हिंदी भाषा भारत माँ की बिंदी, शान हमारी !!1!! बोलें गर्व से अपनी भाषा हिंदी, सबसे न्यारी !!2!! देवनागरी है संस्कृत जननी, जग में प्यारी !!3!! जैसा बोलते लिखी…

गीतिका -‌‌ मधु शुक्ला

  भारतियों को बेहद प्यारी, हिंदी है , जन मानस की जान दुलारी, हिंदी है।   देवनागरी लिपि अपनाई , जो भाषा , रस, छंदों की राजकुमारी, हिंदी है ।…

हिंदी की दशा – झरना माथुर

  बच्चे के मुख से निकलने वाला पहला शब्द मां अब मॉम बन गया है। जाने कितने रिश्ते बदल गए।भाई से ब्रो, बहन से सिस हो गए है और  जाने…

हाँ ! वह मुर्दा ही तो था – नीलांजना गुप्ता

  एक दिन अचानक चौराहे पर मेरी एक मुर्दे से मुलाकात हुई वह चलता, फिरता मुर्दा अच्छे नम्बरों से स्नातक था मानवीय गुणों से भरपूर, सुंदरता का धनी। किन्तु अफ़सोस!…

तुम्हारी यादों की खुश्बू – कालिका प्रसाद सेमवाल

  तुम्हारी यादों की खुशबू , जब भी दिल को छूती है। आभा लिए हुए है सौरमंडल-में, चाँद-सा चेहरा तुम्हारा चमकता है। महकती है तन की डाली-डाली, कोयल-सी राग सुनाती…

है हिंदी यूं हीन – डॉo सत्यवान सौरभ

बोल-तोल बदले सभी, बदली सबकी चाल । परभाषा से देश का, हाल हुआ बेहाल ।। जल में रहकर ज्यों सदा, प्यासी रहती मीन । होकर भाषा राज की, है हिंदी…

गीत – श्याम कुमार भारती

  हिंद के निवासी महिमा हिंदी अपरम्पार है। अपनाया जिसने हिंदी किया उपकार है। कलमकारों को कभी हिंदी तूने लाचार न किया। जैसा चाहा लिखना पढ़ना चमत्कार कर दिया। बड़ा…