गीत – जसवीर सिंह हलधर

  भारत मां को सता रही है, मज़हब की बीमारी । सत्ता हथियाने को एका, करते भ्रष्टाचारी ।।   भूखे औ लाचार दिलों में, धधक रही है ज्वाला । कहीं…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  प्यार की अब तलाश करेगा क्या, है मुहब्बत  तभी जलेगा क्या।   सुनके मेरी ग़जल वो रोता  है, दर्द भीतर बड़ा सहेगा क्या।   रात दिन यार ने तराशा…

पितरों के प्रति श्रद्धा – सुनील गुप्ता

रख के श्रद्धा सुमन भाव चढ़ा, श्राद्ध मनाएं !!1!! देते सम्मान पितृ इच्छानुसार, तर्पण करें !!2!! नम आँखों से पितृ भोग चढ़ाके, प्रणाम करें !!3!! तृप्त पितर शुभाशीर्वाद देते, कल्याण…

ख्वाब उसका नहीं फलता – गुरुदीन वर्मा

  अंत में होता यही है, ख्वाब उसका नहीं फलता। बेटी होती है पराई, हक उसको नहीं मिलता।। अंत में होता यही है——————।।   आँखों का तारा थी तू तो,…

रिश्तों की गूंज – प्रियंका सौरभ

  रिश्ते – वो मौन स्पंदन, जो न फासलों से बंधते हैं, न ही समय की सीमाओं से, ये तो दिल की उस गहराई में बसते हैं, जहाँ हर एहसास…

पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

  चल रहे है कटार बड़े दिल पर मेरे तेरी बेवफ़ाई है। तू मिला नहीं मुझे मगर दुनिया में मेरी रुसवाई है।   इश्क मुश्क और खांसी छिपते नहीं कभी…

हिंदी पखवाड़े पर छंद – जसवीर सैंघ हलधर

हिंदी के कवि भुलाए ,उर्दू के शायर बुलाए, कैसा हुआ व्यवहार,मेरे उत्तराखंड में । कृत्य अर्थ हीन हुए, भाव से विहीन हुए, । हिंदी हुई शर्मसार, मेरे उत्तराखंड में ।।…

स्त्री का मौन – रेखा मित्तल

  पुरुष जीता तो श्रेय उसके पौरुष को इतराया वह देख अपना नाम शिखर पर पर जब तुम हारे तो तुम्हारे संग अवसाद में सतत् खड़ी रही,बन तुम्हारी संगिनी तुम…

तेल देखो तेल की मार देखो (व्यंग्य) – मुकेश ‘कबीर’

vivratidarpan.com – डोनाल्ड ट्रम्प के सेकरेट्री पीटर नवारो ने कहा कि रूस के तेल का फायदा भारत के ब्राह्मण उठा रहे हैं। इस बयान ने साबित कर दिया कि बोलने…

रेनकोट जैसी फिल्में- ज्योत्स्ना जोशी 

  vivratidarpan.com – जब मैंने पहली दफ़ा  यह नाम सुना “रेनकोट” तो इस नाम ने मुझे इस क़दर फेसिनेटेड किया मुझे लगा कि फिल्म देखनी चाहिए आखिर रेनकोट के इर्द-गिर्द…