विद्यावती का दुलारे,किशन का पुत पप्यारे, खालसा की नेक पहचान थे भगत सिंह । जालियां वाला घाव, दिल में संजोए रखा, वीरता का ख़ास प्रतिमान थे भगत सिंह ।।…
बहरारे वाली दुर्गे मां शिला से बाहर आ मेरी मां। दर्शन देने को मेरी मां शिला से बाहर आ मेरी मां। नौ रूपों में से माता इक तो…
छछने जैसे पानी बिन मछरिया वैसे छटपटाए माई बिन बलकवा। बलका के रोवत सुन माई धावत आय। हमहूं पुकारी माई कालिका भवानी आके माई लेतु मोर लजिया बचाय।। जइसे अकसवा…
उन्मुक्त हृदय की वीणा से, सासों की सरगम बजती है। भावों की श्रद्धाजंलि लेकर, संगीत की प्रतिमा सजती है। तब मन मयूर इस जीवन का, वह परम् तत्व…
vivratidarpan.com – बरसों पहले रजत पट पर एक फ़िल्म आई थी – दुश्मन। जिसमें एक गीत था – दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से भी प्यारा है। ऐसे ही दोस्तों के…
तेरी साँसों की नमी मेरे खयालों में भीग जाती है जैसे बरसात बिना बादल के उतर आए दिल की छत पर। तू पास नहीं होता पर हर साज़…
तुम्हारी याद में हमने जलाया दीप जो पल-पल, उसी की बुझी तीली से बनाया यादों का महल। कितनी बार बुझे हैं हम जलने को हर एक बार, प्रेम की…
लगन जागल करीं दर्शन, खुलल पट द्वार माई के, जहाँ देखी लगें जगमग, सजल दरबार माई के। सवारी शेर मनभावन, धरें कर भाल बा पावन, नयन में तेज बा …
लोग जो कल साथ थे होंगे नहीं कल जानता हूं। सृष्टि के इस नियम को कुछ तो पहचानता हूं। आना जाना जीना मरना सृष्टि का यह खेला जो आया…
( 1 ) एक कर्मयोगी राम राज्य समर्थक सूर्यवंशी श्रीअग्रसेन महाराज.., थे अहिंसा प्रेम और न्याय के पुजारी !! ( 2 ) माँ लक्ष्मी शिव की तपस्या करके सामाजिक…