श्री जगन्नाथपुरी (उड़ीसा) में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ संपन्न

vivratidarpan.com ढोरी,(बोकारो) – आज श्री जगन्नाथपुरी उड़ीसा में भव्य और शानदार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ ।जिसमें देश भर के कई राज्यों से जाने माने और प्रतिष्ठित…

दिल ले गई – सविता सिंह

  उसे जीन्स-टॉप पसंद नहीं है, ऐसा नहीं! बस, पूरी बाँहों की कुर्ती, और एक खूबसूरत दुपट्टा यही उसकी पहचान है। उसके बाल अब भी वैसे ही हैं, जैसे वर्षों…

श्री जगन्नाथपुरी अ. भा. कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन सम्पन्न – शिखा गोस्वामी

vivratidarpan,com श्री जगन्नाथपुरी उड़ीसा में कहानिका हिन्दी पत्रिका झारखंड (महिला कल्याण समिति ढोरी, बोकारो द्वारा संचालित) भव्य और शानदार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन 12 अक्टूबर ‘2025 कोसंपन्न हुआ।…

गजल – नीलांजना गुप्ता

  दृगों से आँसू नहीं यह लहू मेरा बह रहा है, गमों की इस बाढ़ में स्वप्न ढहकर गिर रहा है।   दुनियाँ की नजरों में दीपावली के हैं दीप…

गीत – मधु शुक्ला

  हमें धर्म अपना भुलाना नहीं है। दुखी दीन से दृग चुराना नहीं है।   कृपा ईश से जन्म मानव मिला है। सृजन हेतु यह पुष्प तन का खिला है।…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  जिंदगी  जंजाल  है या मौत तक विस्तार है । सोचता हूँ आजकल मैं क्या यही संसार है ।   घात ने विश्वास का जब भी किया संहार  है ।…

प्रेस की चुप्पी, रीलों का शोर – डॉ. सत्यवान सौरभ

कभी जो कलम थी आग सी, अब फ़िल्टरों में खो गई। जो चीखती थी अन्याय पर, वो चुपचाप अब सो गई। न सवाल हैं, न बात है, बस ट्रेंड की…

घनाक्षरी – कविता बिष्ट

  अंग धारि धनु बाण,दिव्य ज्योति शक्ति प्राण, लखन  सह श्रीराम ,जनक  दुलारी है।   भाल पड़ी जय माल,गाल हैं गुलाबी लाल, दशरथ  सुपुत्र  हुआ, राम  धनुर्धारी  है।   अवनी…

गजल (भोजपुरी) – श्याम कुंवर भारती

  दूर रहा सीमा भारत से सेना के जोर पांव उखड़ जाई। खेल मत खेला आतंक के खूनी चाल सब बिगड़ जाई।   जब जब रचबा षडयंत्र पत्थरबाजी औरी घुसपैठी…

जब तू गले लगा – रुचि मित्तल

  तो जैसे रुक गया समय का बहाव जैसे हर दिशा ने थाम ली साँसें जैसे खुदा ने रख दी हों दो हथेलियाँ मेरे काँपते कंधों पर। जब तू गले…