मुक्तक –  मणि अग्रवाल

हमारी कोशिशों ने नित मिलन के मंत्र दुहराए, वफाओं ने हमेशा ही सुलह के फूल महकाए, तुम्हारे एक ग़म पर वार दी सारी खुशी अपनी- मगर फिर भी तुम्हें रिश्ते…

निमीलित मृण्मय नयन – सविता सिंह

जरा सुन सखे  इस निलय में, एक दीप प्रेम का जलाओ, बाती की भाँति जलूँ  प्रिये , बनकर शलभ तुम आ जाओ। निमीलित मृण्मय नयन में, हे मदन कुछ क्षण…

पतझड़ – मधु शुक्ला

  नव सृजन पतझड़ करे संसार में, भावना उपकार की आधार में।   वृक्ष के प्रति जब उदासी व्याप्त है, व्यस्त तब पतझड़ रहे शृंगार में।   जिंदगी की एक…

फिर भी वो हमारे हो नहीं सके – गुरुदीन वर्मा

सच्चे दिल से उनको बहुत प्यार किया, फिर भी वो हमारे हो नहीं सके। सच्चे दिल से उनका किया हमने आदर, फिर भी वो दोस्त हो नहीं सके।। सच्चे दिल…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

राही सभी  थक कर गिरे , चलती  रहीं  पगडंडियां । खलिहान ही उजड़े मिले ,महकी मिलीं सब मंडियां ।   जो काम उत्तम था कभी क्यों लाभ से वंचित हुआ…

काव्य संग्रह ‘जिंदगी है कट….ही जायेगी’- संजीव कुमार भटनागर

vivratidarpan.com-  सुधीर श्रीवास्तव की स्वरचित, प्रकाशित एकल काव्य–कृति ‘जिंदगी है कट ही जाएगी’ वैदिक प्रकाशन, हरिद्वार से प्रकाशित, अपने नाम के अनुरूप मानव जीवन के संघर्षों, अनुभूतियों और अंतर्मन की…

कविता (कल्कि अवतार) – जसवीर सिंह हलधर

वो ही स्वरूप वो ही अरूप , उसके रुपों का नहीं अंत। वो वंध मोक्ष वो ही रहस्य, उसकी परिधी हैं दिग्दिगंत।। वो ही रक्षक वो ही भक्षक, वो ही…

मेरी बाल दिवस की यादें – सुनील गुप्ता

लाल गुलाब लगा जाते थे स्कूल गाते थे हम गीत सुंदर प्यारे ! थे वो जीवन के यादगार पल.., बाल दिवस मनाते थे मिलके सारे !!1!! नित हमारे खिले होते…

मुक्तक – श्याम कुंवर भारती

(तेरी उम्मीद आने की) – तन्हा कर क्या गए दिल तोड़कर गए। बसानी थी संग दुनिया उजाड़कर गए। करता था याद जितना और आते हो। उम्मीद थी आने की  उसे…

इंटरनेट की दुनिया – डॉ. सत्यवान सौरभ

इंटरनेट की बड़ी दुनिया, जहां मिले ज्ञान की कुंजी। क्लिक करो, खोजो कुछ नया, सीखो खेलो बिना रूका।   वीडियो में कहानियां सुनो, चित्रों से रंग भरो मन को। पर…