अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।। अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।। सबने पलकों पे…
vivratidarpan.com – विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली में ईश्वर चंद्र विद्यावाचस्पति मनकापुर (गोंडा): मेंहदावल संत कबीर नगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक वरिष्ठ कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति को विश्व पुस्तक मेला प्रगति…
सोमनाथ केअ शोभायात्रा में निकललखिन्ह प्रधानमंत्री सरकार हे बहिना, संग में मंत्री दुई चार। एक सौ अठारह घोड़ा पर बैसल सैनिक राज कुमार हे —–2, रथ में खड़ा भेल प्रधानमंत्री…
धुंधली शाम में आग जलती है चुपचाप। लकड़ियाँ फटकती हैं चिंगारियां उड़ती आसमान की ओर। खेतों से आती फसल की खुशबू गेहूं के सुनहरे दाने सरसों के फूलों की पीली…