उम्मीदों की किरण – रोहित आनंद

पूर्व दिशाओं में रंग सुनहरा, छाई हल्की-सी झंकार , उठा धरा का कोना-कोना, आई भोर लिये उपहार।   लाल किरण की चूनर ओढ़े, आया सूरज मुस्का-मुस्का, बिखर गई सोई गलियों…

अकादमी सम्मान की रुकी हुई घोषणा (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – सचिव का इंतजार था जो संस्कृति मंत्रालय में निदेशक भी हैं।अकादमी सम्मान घोषित होने थे । इंतजार सिर्फ एक घोषणा का नहीं था , उस व्यवस्था का था जो…

चंद पंक्ति – सविता सिंह मीरा

हम पे क़ातिल निगाह जब उट्ठी, रख दिया हमने ज़ेर-ए -ख़ंजर दिल। तुमको हम पर तरस नहीं आता, ऐ सनम कितने तुम हो पत्थर दिल। ” *मीरा* ” कैसे ना…

29 वां सिय-पिय मिलन समारोह सफलता पूर्वक हुआ संपन्न – कुमार संदीप

vivratidarpan.com बिहार -बिहार राज्य के गायघाट प्रखंड अंतर्गत श्री जनकधाम महम्मदपुर सुरा गांव में 29वें सिय-पिय मिलन समारोह का सफल आयोजन शिक्षक दिनेश प्रसाद यादव के सहयोग व कलाकार बंधुओं…

गीत -जसवीर सिंह हलधर

महानता जहान को दिखा रही है भारती । विज्ञान संग वेद भी सिखा रही है भारती ।   कहीं पुकार धर्म की कहीं पुकार कर्म की । महीन चोट मर्म…

मेरी कलम से  – रुचि मित्तल

दुनिया की भीड़ में कहीं खोई हुई हूँ मैं, मुद्दत हुई अकेले में खुद से नहीं मिली।   हो ही न जाए आप पर इसका असर हुज़ूर, कैसे दिखाऊँ आप…

तानसेन आ जाओ – अनिल भारद्वाज

धरती अंबर चांद सितारे साथ तुम्हारे गाते, तानसेन आ जाओ तुमको मेरे गीत बुलाते। तुम जब मेघ राग गाते थे धरती गगन झूम जाते थे, लगता जैसे सावन आया बदरा…

सर्दियों का आगमन – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

शीत का हो गया है पुनः आगमन, रात लंबी घटें दिन लगा ज्यों ग्रहण।   नित्य गिरता रहे न्यूनतम ताप अब, बेबसों को सताये निशा की गलन।   वस्त्र सब…

कौन सुनेगा, किसको सुनाए कबीर सी खरी खरी – डॉ. सुधाकर आशावादी 

vivratidarpan.com – कबीर जब तक थे, खरा खरा बोलते थे। कागज कलम का उपयोग करते थे या नहीं, यह शोध का विषय है। कबीर के दोहे, धर्म, जाति, क्षेत्र की संकीर्णता…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

ओढ़कर गांधी लबादा एक घर आबाद है । बोस का संघर्ष बोलो क्या किसी को याद है । इंडिया भारत बताया चाल तो देखो जरा , इस तरह का विश्व…