धुंधली शाम में आग जलती है चुपचाप। लकड़ियाँ फटकती हैं चिंगारियां उड़ती आसमान की ओर। खेतों से आती फसल की खुशबू गेहूं के सुनहरे दाने सरसों के फूलों की पीली…
होई जे भ्रष्टाचारी गोड़ में बेड़ी कानून के त लगबे करी। कर्तव्य से करी जे बेइमानी हाथ हथकड़ी त पड़बे करी। नेता होखे भ अधिकारी सरकारी जिम्मेवारी बड़ होला।…
बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा, हिंदी के प्रतिभा मंडल का फैल रहा उजियारा। हिंदी के हाथों के कंगन जब जब बजे उठते हैं, सूरज चांद सितारे नभ में…
vivratidarpan.com युवा कवि एवं साहित्यकार एवं नव साहित्य परिवार भारत के संस्थापक/नव साहित्य ई पत्रिका के संपादक डॉ. अमित कुमार बिजनौरी के प्रथम काव्य संग्रह ‘मौन हूँ मैं’ के प्रकाशित…