vivratidarpan.com – भारतीय लोकतंत्र में अफ़वाहों के आधार पर नित्य ही कहीं न कहीं भीड़ जुटती है, तदुपरांत वह किसी सार्वजनिक स्थल पर धरना प्रदर्शन करने लगती है। उसके हाथों…
अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।। अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया है। हैं दिवास्वप्न ये इंसान को घुमाती हैं।। सबने…