गीत – जसवीर सिंह हलधर

अर्थ क़ायम नहीं हो सके शब्द के, सामने पंक्तियों के खड़े हाशिए । गीत पूरा नहीं हो सका रात भर , जागता ही रहा पृष्ठ काले किए ।।   तथ्य…

हो जिनका भी आवारा मन – अनुराधा पाण्डेय

हो जिनका भी आवारा मन, वे सुने ! उन्हें मैं कहती हूँ । कुछ तन तो ब्याहे होते हैं । कुछ मन चिर ब्याहे होते हैं ।   मन आँगन…

मेरी कलम से  – रुचि मित्तल

भरोसा ही नहीं मुझको ज़माने के खुदाओं पे, जहां में फ़ितरते इंसा सभी की एक जैसी है।   बड़ी खामोश गुमसुम हैं अभी सागर की ये लहरें, नदी लगता है…

मित्र – अनिरुद्ध कुमार

मित्र मृदुल मनहर मनभावन। स्नेहिल भाव लगे जग पावन।। मित्र बिना सूना यह जीवन। सच्चा मित्र लुभाये तनमन।।   मित्र मित्रता हीं जीवन धन। मित्र कभी ना चाहें अनबन।। मित्र…

मैं अगर तुमको देखता हूँ – गुरुदीन वर्मा

मैं अगर तुमको देखता हूँ , इसका मतलब यह तो नहीं। तुमसे मैं प्यार करता हूँ , शक है तेरा और कुछ भी नहीं।। मैं अगर तुमको देखता हूँ——————-।।  …

प्रेम का गुलदस्ता – सामाजिक चिंतन का पुलिंदा – डॉ अमित कुमार बिजनौरी

vivratidarpan.com – प्रेम पथिक एक ऐसा साझा गीत संग्रह है जिसके मुख्य संपादक डॉ. नरेश सागर हैं। इसमें 31 कवि और कवियित्रियों के गीतों को संक्षिप्त जीवन-परिचय के साथ सम्मिलित…

गीत – श्याम कुंवर भारती

जमाने में हर तरफ तेरा ही नजारा है। मै खुश हूं तुझको दिल में संवारा है। कभी छोड़ेंगे न तेरा साथ वादा हमारा है।   फिंजा में तेरी खुशबू महकी…

गृहायुद्ध (पुस्तक चर्चा) –  विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – यह उपन्यास समकालीन भारतीय नौकरशाही और सरकारी आवास-व्यवस्था की जटिल दुनिया का उसे समझकर भीतर से किया गया सूक्ष्म चित्रण है। लेखक स्वयं प्रशासनिक सेवा से जुड़े रहे हैं,…

ज़िन्दगी के मायने – सुनील गुप्ता

ज़िन्दगी के मायने क्या हैं ये हम जानें  ! चलें स्वयं को पहचानते…, मकसद जीवन का तलाशें !!1!!   होते बड़े सयाने समय संग बढ़ना सीखें ! तमाम अपनी गलतियों…

अधूरा पिता – सविता सिंह

आये जो तुम महक उठा ये आंगन, फूल  ही  फूल भर  गए थे प्रांगण।   रौशन हो गई जिंदगी इस चिराग से, समीर भी चूमे उसे तो प्यार  से।  …