दिल लेके दिल नहीं दिया तुमको हम बेईमान कहेंगे। कद्र नहीं नाजुक दिल नहीं तुमको हम कद्रदान कहेंगे। अपनी मर्जी से आना जाना आंखों को प्यासा छोड़कर। तड़पता देख…
सडक किनारे बनते हैं फुटपाथ। रंग-बिरंगे, दिखते हैं लुभावने। मोह होता है उन पर चलने का, लेकिन फुर्सत किसे!! तो दिखाई देते हैं खाली। दौड़ती सड़क संग आते हैं नज़र…