बदलता साल – सुनील गुप्ता

( 1 ) बदले साल हम न बदलें तो, हो बुरा हाल  !!   ( 2 ) घर में टंगे कैलेंडर की जैसे, हमारा हाल  !!   ( 3 )…

कितना लगता है प्यारा – अनिरुद्ध कुमार

पल-पल जीवन बीत रहा, सुख-दुख का संगीत रहा। भटक रहा मन कहाँ कहाँ, हार जीत मनमीत रहा।   लम्हा पथ रोक खेल करें, आनंदित अठखेल करें। मानव जीवन काट रहा,…

पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

दिल लेके दिल नहीं दिया तुमको हम बेईमान कहेंगे। कद्र नहीं नाजुक दिल नहीं तुमको हम कद्रदान कहेंगे।   अपनी मर्जी से आना जाना आंखों को प्यासा छोड़कर। तड़पता देख…

सोच को बदलो, त्यौहार नहीं – ज्योती वर्णवाल

हम गर्व से कहते फिरते हैं, बच्चा मेरा ‘कान्वेंट’ जाता है, ए.बी.सी.डी. जब वो बोले, तब मन बड़ा हर्षाता है। तब रीत नहीं आड़े आती, न ही संस्कृति घबराती है,…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

नगमे गाओ साल-ए-नौ के। खौफ़ मिटाओ साल-ए-नौ के।   जाएगा अब साल पुराना जश्न मनाओ साल-ए-नौ के।   लड्डू बाँटे प्यार से यारों दिल से खिलाओ साल-ए-नौ के   मंजिल…

मेरी नज़र में – डॉ क्षमा कौशिक

यह हिंदूं नव वर्ष नहीं है। पर मन में कम हर्ष नहीं है। हम तो उत्सव प्रेमी ठहरे। खुश होने में हर्ज नहीं है।।   नव संवत्सर जब आयेगा। नई…

फुटपाथ – प्रदीप सहारे

सडक किनारे बनते हैं फुटपाथ। रंग-बिरंगे, दिखते हैं लुभावने। मोह होता है उन पर चलने का, लेकिन फुर्सत किसे!! तो दिखाई देते हैं खाली। दौड़ती सड़क संग आते हैं नज़र…

नैना भीगे रे – सविता सिंह

सुना है कि वो! आजकल हैं शहर में कहता है दिल की मुलाकात होगी, मिलेंगे दो नैना जो उनकी नयन से तो संभव है नजरों से बरसात होगी।   सुना…

स्वागत नव वर्ष – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

गया वर्ष पिछला नया साल आया। सभी के दिलों में नवल हर्ष छाया।1 मिले जब कभी भी हमें तुच्छ कंटक, चुने धैर्य से तब सुगम पथ बनाया।2 हुआ सामना दर्द-दुख…

ग़ज़ल( हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

सर जहां पर था हमारा पैर कर आए हैं हम । मुल्क बटवारे में अपने गैर कर आए हैं हम ।   आब सतलज और नीलम का अभी तक लाल…