अंजू श्रीवास्तव ने किया नवोदय निर्झरिणी का विमोचन

vivratidarpan.com उन्नाव/कानपुर – नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘नवोदय निर्झरिणी ई मासिक पत्रिका ‘माह दिसंबर’2025 अंक का आभासी विमोचन वरिष्ठ कवयित्री अंजू श्रीवास्तव द्वारा 31 जनवरी को विमोचन किया…

गणतंत्र दिवस – सुनील गुप्ता

( 1 )” ग “, गर्व से बढ़ाए जा कर्तव्य पथ पे कदम ! गीत ख़ुशी के गाए जा……, राष्ट्र है सदा प्रथम !! जय भारती, जय भारती !!! (…

जय जय वीर बजरंग महान – रोहित आनंद

जय जय वीर बजरंग महान, संकट हरन बलबुद्धि निधान। राम काज में सदा तत्पर आन, भव सागर से तारो प्राण॥ जय जय केसरी नंदन बलवान, लाल ललाट सिंदूर समान। पवनसुत…

मानव का अधिकार कहाँ है? – अनिरुद्ध कुमार

वादों का बौछार यहाँ है। संसद में तकरार यहाँ है। भूख गरीबी छाती पीटे, हर कोई लाचार यहाँ है। मानव का अधिकार कहाँ है?   ऊंचा, नीचा  बोल रहें सब,…

भोजपुरी पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

सुने पतझड़ दिल में बन के बहार आ जइता । ना ना कईके जान अब त हमार हो जइता ।   बेचारा दिल मनाई त मनाई कइसे हम बोला। पियासल…

गोबर संवाद – प्रियंका सौरभ

कभी रिसर्च की चुप्पी में, दीवारों पर गोबर उतरा। तो कभी प्रतिरोध की गर्मी में, वही गोबर उल्टा फेरा।   मैडम बोलीं — ‘ये संस्कृति है’, छात्र बोले — ‘ये…

कभी न हो मंदा, चंदा उगाही का धंधा (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com –  समाज में अच्छे काम करने वालों की कमी नहीं है। देश का बुद्धिजीवी भले ही घर खर्च की चिंता न करे, मगर समाज की चिंता उसे लगी रहती…

कविता (जिहाद हो) – जसवीर सिंह हलधर

महा विकास के लिए , जिहाद हो जिहाद हो । नए प्रकाश के लिए,जिहाद हो जिहाद हो ।। जिहाद हो कि देश से, कुरीति का विनाश हो । जिहाद हो…

इंतज़ार – सविता सिंह मीरा

कभी जो गुजरो तुम उस गली से अब भी तुम्हें वो वही मिलेगी, सपन पले थे जो उन आँखों में अनिमेष दृगों में वही पलेगी, वैसे तो जलती रोज़ वो…

मेरी कलम से – डा० क्षमा कौशिक

प्रातः नमन –  फले ललित यह कामना, सुख बरसे चहुँ ओर, सिंदूरी सूरज उगे, मंगल मय हो भोर। पंछी वंदन कर उड़ें, कोयल मंगल गीत। राम सदा चित में बसें,…