इक साल कम हो गया – विनोद निराश

सुनो जी ! लोग कहते थे, मगर अब सच लगने लगा, पुराना साल विदा क्या हो गया ?, मेरी ज़िंदगी का इक साल कम हो गया। वो चन्द पुरानी यादें,…

भोजपुरी पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

होई जे भ्रष्टाचारी गोड़ में बेड़ी कानून के त लगबे करी। कर्तव्य से करी जे बेइमानी हाथ हथकड़ी त पड़बे करी।   नेता होखे भ अधिकारी सरकारी जिम्मेवारी बड़ होला।…

ग़ज़ल – मणि अग्रवाल

चाह भी  ख़ूब है, आह भी ख़ूब है।   हर ख़ुशी के लिए, डाह भी  ख़ूब है।   झूठ   का  टूटता, ब्याह भी ख़ूब है।   अक्षमों को यहाँ, वाह…

गीत – अनिल भारद्वाज

बने राष्ट्रभाषा हिंदी यह है संकल्प हमारा, हिंदी के प्रतिभा मंडल का फैल रहा उजियारा। हिंदी के हाथों के कंगन जब जब बजे उठते हैं, सूरज चांद सितारे नभ में…

मेरे सपने – सुनील गुप्ता

( 1 ) चलूँ सजाए नववर्ष के सपने, हैं मेरे मन में हज़ार सपने !! ( 2 ) करूँ विचार चलूँ उनके अनुसार, तो, होंगे सपने सभी साकार !! (…

डा. अमित कुमार के काव्य संग्रह ‘मैं मौन हूँ’ में प्रेम, करुणा और आत्मबोध का समावेश – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com युवा कवि एवं साहित्यकार एवं नव साहित्य परिवार भारत के संस्थापक/नव साहित्य ई पत्रिका के संपादक डॉ. अमित कुमार बिजनौरी के प्रथम काव्य संग्रह ‘मौन हूँ मैं’ के प्रकाशित…

युवा-चेतना का अमर दीप – रोहित आनंद

युवक-हृदय के दीपक तुम हो, भारत-भू का अभिमान हो, वेद-विवेक की ज्योति लेकर, जगे राष्ट्र की पहचान हो। उठो, जागो—यह मंत्र दिया, नव-चेतना का प्राण हो, नर में नारायण देखने…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

काव्य रूपी नाव ले उस पार जाना चाहता हूँ । शब्द की पतवार से सागर हराना चाहता हूँ ।। गद्द रूपी पंक्तियों को तोड़कर कविता बनायी । रेत में डूबी…

जाना है उस पार – अनिरुद्ध कुमार

छूट रहा सब रिश्ता नाता, अब क्या सोंचे यार। मन का पंछी चला अकेला, जाना है उस पार।। सोन चिरैया तोले मोले, बेचैनी में क्या क्या बोले, बार बार लेती…

कहानिका शिखा आभासी कवि सम्मेलन हुआ सम्पन्न

vivratidarpan.com – कहानिका हिंदी पत्रिका (महिला कल्याण समिति धोरी,बोकारो द्वारा संचालित) के छत्तीसगढ़ अध्याय द्वारा शिखा गोस्वामी निहारिका ,केंद्रिय सूचना प्रभारी और विभा तिवारी सह संपादक, कहानिका तथा छत्तीसगढ़ राज्य…