जब कभी देखोगे तुम खत ये – गुरुदीन वर्मा

जब कभी देखोगे तुम खत ये, हैरानी तुमको बहुत तब होगी। जब कभी सुनोगे तुम गीत ये, परेशानी तुमको बहुत तब होगी।। जब कभी देखोगे तुम खत ये—————–।।   कितना…

भोजपुरी गीत – श्याम कुंवर भारती

  सुना हो गौरा तोर सइयां हम देख अईली। बौराहा दूल्हा सखी सब परीक्षन अइली।   दुअरें अइले शिव अड़भंगी के देखली। देखी दूल्हा सखी गिरत पड़त सब भगली। पिटे…

ग्रीन सिटी का सपना – डॉ. सत्यवान सौरभ

सड़कें साफ़, पेड़ हों हरे, ग्रीन सिटी बनाएं सब मेरे। साइकिल चलाएं, कार कम करें, स्वच्छ हवा हम सब में भरें।   कचरा न फैलाएं, रिसाइक्लिंग करें, धरती माँ की…

दिल से जुड़े – प्रियंका सौरभ

टेक्नोलॉजी का यह दौर, जहाँ रिश्ते सिमटते जा रहे हैं, जहाँ उंगलियों की सरसराहट में ममता की गर्माहट खो रही है, जहाँ नज़रों की मुलाकात, अब स्क्रीन की रोशनी में…

बनें उदार चित्त – सुनील गुप्ता

( 1 )” बनें “, बनें महामना, उदार चित्त वाले ! सदैव व्यापक सोचें…., सबको संग-साथ लेकर चलें !!   ( 2 )” उदार “, उदार हृदय, बनें स्वामी मनके …

माता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर जन्मोत्सव काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर वरिष्ठ कवि साहित्यकार डा. शिवनाथ सिंह ‘शिव’ के…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

यार मेरी खता को भुला दीजिए। साथ देकर हमेशा दुआ दीजिए।   है छुपा दिल मे जो,वो बता दीजिए। राज दिल के सभी को दिखा दीजिए।   नाम तेरा लबो…

ग़ज़ल – मणि अग्रवाल

चाहिए अब नहीं रोज़ वादे नये, बोलिए आप  अपने  इरादे नये।   ख़त्म हो जाएँगे फ़ासले फिर सभी, सिर्फ़ संवाद के पुल बना दे नये।   पाँव अहसास के हैं…

कविता बिष्ट ‘नेह’ को मिला नेपाल–भारत साहित्य गौरव सम्मान

vivratidarpan.com कंचनपुर (महेंद्रनगर, नेपाल) –  नेपाल मानसखण्ड गुरुकुल के सौजन्य से महेंद्रनगर, कंचनपुर में मानसखण्ड लोक संस्कृति सम्मेलन एवं लिटिल बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। इस…

हिमाचल …जहाँ फल केवल उत्पाद नहीं बल्कि गर्व हैं – संजीव शर्मा 

vivratidarpan.com – आइए, आपको मिलवाते हैं फलों के राजा हिमाचल से…जहाँ फल केवल उत्पाद नहीं बल्कि गर्व हैं। शिमला की पहाड़ियों पर लाल-गुलाबी सेब किसी राजकुमार से कम नहीं हैं।…