vivratidarpan.com- जयपुर में निवासी इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त वरिष्ठ कवि श्रीकांत तैलंग तकनीकी पृष्ठभूमि के बावजूद साहित्य,समाज और संवेदना के क्षेत्र में सक्रिय रहने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।…
बेशक तुझसे दूर होने का मलाल बहुत है, जाने क्यों ठहरी निगाहों में हलचल बहुत है। घटने-बढ़ने की बात कमज़र्फ किया करते हैं, अहसासात में उफान का समंदर बहुत…
प्रकाश पर्व है आनंद उत्सव, बरसे हर्ष !!1!! गुरु नानक हैं प्रेरणादायक, ओंकार एक !!2!! खालसा पंथ किया मार्ग प्रशस्त, सेवा में रत !!3!! अगाध श्रद्धा सतिनामु…