गुरुदेव डा.अजय ने किया ‘विमलांजलि’ का लोकार्पण

vivratidarpan.com बस्ती (उ.प्र.) – यमराज मित्र के नाम से चर्चित गोण्डा के वरिष्ठ कवि/साहित्यकार सुधीर श्रीवास्तव की पांचवीं पुस्तक ‘विमलांजलि’ काव्य संग्रह का लोकार्पण  27 नवंबर ‘2025 को उनके आध्यात्मिक…

समस्तीपुर नगर के डरोड़ी में 89वां श्री राम जानकी विवाह

vivratidarpan.com – अपनी कलम द्वारा लोक संस्कृति, लोकगीत के भीतर प्राण फूंकने वाले अनमोल शख्सियत स्नेहलता की पुनीत पावन स्मृति में आयोजित हुआ समस्तीपुर जिला अंतर्गत डरोड़ी ग्राम में 89वां श्री…

महाभारत कालीन अतीत की समृतियां सहेजे है गढ़मुक्तेश्वर कार्तिक मेला – मनोज कुमार अग्रवाल 

vivratidarpan.com – पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गढ़ मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाला मेला महाभारत कालीन अतीत से जुड़ा है।भारत की सनातन संस्कृति के लिए यह मेला और यहां…

सर्व मंगल कामना पूर्ति का पर्व है दीपावली – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com –  यूँ तो भारतीय समाज में सभी पर्व सामाजिक सद्भाव एवं पारस्परिक सहयोग से जीवन को प्रफुल्लित करने का संदेश देते हैं। पर्व मनाए जानेकी पृष्ठभूमि में समाज को…

इस बार जलाएं एक दीया उम्मीदों का – संजीव शर्मा 

  मोबाइल फोन में घुसकर ऑनलाइन लाइटिंग,सजावट का सामान और कपड़े तलाशने में समय बर्बाद करने की बजाए एक बार सपरिवार घर से बाहर निकलिए और सड़क पर दीए बेचती…

इस दीपावली श्री की आंतरिक गरिमा का अभ्युदय करें – उमेश कुमार साहू

  vivratidarpan.com – प्रतिवर्ष दीपावली पर भारत माता एक नए प्रकाश पुंज के अवतरण की प्रतीक्षा करती है। ऐसा प्रकाश पुंज जो उसकी सौ करोड़ से अधिक संतानों के घर-आंगन…

रामचरित मानस में स्थापत्य एवं वास्तु शास्त्र – इंजी. विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com –  रामचरित मानस विश्व का ऐसा महान ग्रंथ है, जिसे शोध की जिस दृष्टि से देखा जावे, तो अध्येता इतना कुछ पाता है, कि वह उसे चमत्कृत कर देने…

क्यों रखा जाता है करवा चौथ का व्रत – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com –  भारतीय संस्कृति को व्रत और त्यौहारों की संस्कृति माना जाता है। पूर्ण आस्था एवं विश्वास से जुड़े ये पर्व भारतीय स्त्रियों के जीवन का अभिन्न अंग है। ऐसा…

स्वर्ण मद की लत: बिहारी जी की सीख और आज की हकीकत – राकेश अचल

vivratidarpan.com – सोने के नशे के बारे में सुनारों और खरीदारों से ज्यादा हमारे कविवर बिहारी शायद ज्यादा जानते थे, इसीलिए उन्होने युगों पहले लिखकर आगाह कर दिया था कि- कनक…

दशहरे पर किलकारी (लघु कथा) – अनिल भारद्वाज

vivratidarpan.com – प्रतिष्ठित विप्र कुल के ठाकुर दास (उस्ताद जी) और कंचन के विवाह को एक दशक का समय बीत गया लेकिन अभी उनके घर के आंगन को संतान का…