सशक्त हस्ताक्षर संस्था की काव्य गोष्ठी कान्हा के जन्मोत्सव पर संपन्न

vivratidarpan.com जबलपुर – सशक्त हस्ताक्षर की 39 वीं काव्य गोष्ठी श्री जानकी रमण महाविद्यालय में सानंद सम्पन्न हुई। संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने अपनी वाणी से सभी का स्वागत किया। सरस्वती…

भगवान शिव के साथ पूजी जाती हैं उनकी मानस-पुत्री  मनसा विषहरी – शिव शंकर सिंह पारिजात

vivratidarpan.com – पुरातन काल में सोलह महाजनपदों में शुमार अंगभूमि भागलपुर की ऐसी कई धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं हैं जो इसे विशिष्ट तथा खास बनाती हैं। यहां प्रति वर्ष जगत…

उडुपी मंदिर जहाँ खिड़की से होते हैं नंदलाल के दर्शन – कुमार कृष्णन

  vivratidarpan.com – उडुपी को दक्षिण भारत का मथुरा कहा जाता है। यहां का कृष्ण मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर अपने…

जैन समाज ने रक्षाबंधन पर्व व जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर श्री श्रेयांसनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव हर्ष के साथ मनाया

vivratidarpan.com देवबंद (महताब आज़ाद)- श्री दिगंबर जैन पारसनाथ मंदिर जी सारगवाड़ा में आचार्य श्री 108 अरुण सागर जी महाराज के सानिध्य में रक्षाबंधन पर्व एवं जैन धर्म के 11 वें…

रक्षाबंधन: क्या वास्तव में निभा रहे हैं भाई-बहन प्रेम और रक्षा का वादा? – डॉ. सत्यवान सौरभ

vivratidarpan.com – रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और गिफ्ट देने का त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और परस्पर सहयोग का प्रतीक है। आज यह पर्व सोशल मीडिया दिखावे और…

गुरु दीक्षा परिवार की बहनों ने मनाया अपने गुरु संग राखी का त्यौहार -कुमार संदीप

vivratidarpan.comमुजफ्फरपुर/ (बिहार) (कुमार संदीप) – भाई और बहन के बीच पवित्र रिश्ता तो होता ही हैं, और इस रिश्ते को परिभाषित करने वाला यदि कोई पावन पर्व है तो उसका…

रक्षाबंधन प्रज्ञान और सूर्यांशी का

छोटे-से प्रज्ञान की कलाई पर जब सूर्यांशी ने रक्षासूत्र बाँधा, उसमें न कोई दिखावा था, न कोई कहावत, बस मासूम सा वादा था। सूर्यांशी बोली—”भैया, तुम छोटे हो, पर हमेशा…

वाराही धाम-जहाँ रक्षाबंधन पर देवी को प्रसन्न करने के लिए लड़ा जाता है युद्ध – रमाकान्त पन्त

vivratidarpan.com   जनपद चम्पावत के देवीधूरा में स्थित माँ वाराही देवी शक्तिपीठ वाराही धाम के नाम से लोक प्रसिद्ध है। प्राचीन काल से ही यह पावन धाम माँ वाराही देवी की…

जीवन की अमूल्य धरोहर हैं माता-पिता – फौज़िया नसीम शाद

vivratidarpan.com – आज की निरंतर बदलती जीवनशैली और उपभोक्तावादी सोच ने हमारे सामाजिक संबंधों की बुनियाद को ही डगमगा दिया है। रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनापन अब उतना सहज…

अद्भुत, अनंत, अकल्पनीय है काशी की महिमा – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com – जब हम काशी,वाराणसी या बनारस कहते हैं, तब हम मात्र काशी विश्वनाथ और गंगा स्नान के विषय में ही सोचते हैं। इन स्थानों के अतिरिक्त भी काशी में…