देश को अराजकता की ओर धकेलने का षड्यंत्र (दृष्टिकोण) – डॉ. सुधाकर आशावादी

  vivratidarpan.com – आदिकाल से नकारात्मक शक्तियाँ विकसित राष्ट्रों को पीछे धकेलने हेतु षड्यंत्र रचती रही हैं तथा उन राष्ट्रों को कमजोर करने का सपना देखने वाले तत्वों को अपने…

बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? — प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? सवाल सड़कों, शौचालयों और सोच का है, 39% लड़कियाँ स्कूल से बाहर: किसकी जिम्मेदारी?  ‘बेटी पढ़ाओ’ का सच: किताबों से पहले…

अदालतों में न्याय-प्रतीक्षा में साढ़े चार करोड़ लोग – मनोज कुमार अग्रवाल

vivratidarpan.com – अपने देश में आम आदमी को न्याय मिलना काफी दुष्कर हो गया है। समय पर न्याय, न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास की आधारशिला है, जैसा कि इस…

शक्ति दंभ और सनकी राजा (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

  vivratidarpan.com – संसार में अनेक ऐसे सनकी राजा हुए हैं, जिन्होंने मनमाने निर्णय लेकर प्रजा को खूब तंग किया है। किसी ने अपनी सनक में चमड़े के सिक्के चलाकर…

बदन की नहीं, बुद्धि की बनाओ पहचान बहनों: अश्लीलता की रील संस्कृति पर एक सवाल – प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ स्क्रीन पर दिखना असल में जीने से ज़्यादा जरूरी हो गया है। जहां ज़िंदगी कैमरे के फ्रेम में…

शहरों में सैलाब,निसर्ग का कहर – पंकज शर्मा “तरुण “

vivratidarpan.com – लगभग सभी राज्यों के छोटे बड़े शहरों में सड़कों पर सैलाब आने के समाचार अखबारों के माध्यम से तथा टेलीविजन पर देखने को मिल रहे हैं। मुंबई हो,…

उधम सिंह लंदन की अदालत में भारत की गरिमा का नाम – डॉ. प्रियंका सौरभ

vivratidarpan.com – उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार का प्रत्यक्षदर्शी यह वीर 21 वर्षों तक चुपचाप…

प्रश्नों के घेरे में नारी सम्मान विमर्श – सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – अपशब्द, गुंडागर्दी, नारी के विरुद्ध अपराध जैसे गंभीर विषयों पर अराजक तत्वों का समर्थन करने वाली समाजवादी पार्टी अपने ही बुने ज़ाल में फँसती नजर आ रही है।…

हिंदी को मिले सम्मान – कवि संगम त्रिपाठी

  Vivratidarpan.com जबलपुर – आज हिंदी की वर्तमान दशा चिंतन का विषय है। दुनिया का एकमात्र लोकतांत्रिक देश जिसकी अपनी कोई राष्ट्रभाषा नहीं है वह भारत ही है। दुनिया में…

पुरातत्व एवं पत्रकारिता को समर्पित  दिनेश चंद्र वर्मा, न संघर्ष से डरे, न कलम के साथ समझौता किया – पवन कुमार वर्मा

vivratidarpan.com – इतिहास, पुरातत्व और धार्मिक विषयों पर अपनी अलग और मजबूत पकड़ रखने वाले श्री दिनेश चंद्र वर्मा एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में देश…