राष्ट्रव्यापी हड़ताल आज कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन- गहलोत

vivratidarpan.com -सिरोही(राजस्थान):- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर राष्ट्रव्यापी हड़‌ताल के तहत 11 सूत्री माँग के समर्थन में आज कर्मचारियों का होगा हल्ला बोल धरना-प्रदर्शन के बाद जिला…

गुरुपूर्णिमा महोत्सव – गोस्वामी आनंद वल्लभ महाराज

vivratidarpan.com – गुरु पूर्णिमा का दिन भक्तगण बहुत श्रद्धा से मनाते हैं। इस दिन हर एक व्यक्ति गुरु स्थान पर उनका आशीर्वाद लेने जाते हैं। सतगुरु अर्थात परमपिता परमात्मा कहते…

चंडी छ्न्द (घर सावन आये)  – अनिरुद्ध कुमार

  बिरह बदन झकझोर सताये। सजल नयन मन पीर जताये।। तपन लहर तकदीर बुझाये। सजन अवन कहके भरमाये।।   उमड़-घुमड़ बदरा मडराये। गरज-गरज मनमीत बुलाये।। चमक-दमक चितके अकुलाये। डकर-डकर नित…

“चूल्हे से चाँद तक”— चूल्हे की आँच से चाँद की कविता तक की यात्रा –  सोनल शर्मा

Vivratidarpan.com – प्रियंका सौरभ का यह काव्य संग्रह ‘चूल्हे से चाँद तक’ केवल कविता नहीं, स्त्री आत्मा की यात्रा है। यह वह आवाज़ है, जिसे सदियों से दबाया गया, पर…

कितना लाएगा रंग, ठाकरे बंधुओं का संग – मुकेश “कबीर”

  Vivratidarpan.com- मुंबई में हुई ठाकरे बंधुओं की सभा की चर्चा पूरे देश में है, भावनात्मक तौर पर यह सभा भले ही सफल रही हो लेकिन राजनीतिक नजरिए से यह…

सत्ता को सदैव असहज करता है सच्चा व्यंग्य – विवेक रंजन श्रीवास्तव 

vivratidarpan.com – व्यंग्य साहित्य और कला की वह धार है जो समाज की कुरीतियों, अत्याचारों और विसंगतियों को लक्ष्य करती है। परंतु जब यही तीखापन सत्ता, धर्म या स्थापित ताकतों को…

गीतिका – मधु शुक्ला

  कष्ट देता है हृदय को युद्ध का विस्तार, क्यों प्रगति सिखला रही है छीनना अधिकार।   आपसी सहयोग चाहें मानवी संबंध, सत्य यह गहकर चला है सर्वदा संसार।  …

जल की बूंद-बूंद पर संकट: नीतियों के बावजूद क्यों प्यासी है भारत की धरती? – डॉ. सत्यवान सौरभ

  Vivratidarpan.com – भारत दुनिया की 18% आबादी और मात्र 4% ताजे जल संसाधनों के साथ गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। भूजल का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण, असंतुलित…

डॉ दिनेश पाठक शशि के साथ डॉ अनुराधा प्रियदर्शिनी द्वारा की गई साहित्यिक परिचर्चा

  Vivratidarpan.com – मथुरा के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दिनेश पाठक शशि जी के साथ डॉ अनुराधा प्रियदर्शिनी द्वारा की गई साहित्यिक परिचर्चा नवीन लेखकों के लिए प्रेरणा, १. आप रेलवे…

गुरु की गरिमा को कलंकित करते आधुनिक अध्यापक अध्यापिकाएं – मनोज कुमार अग्रवाल

vivratidarpan.com – आधुनिक युग में पतन का कोई मानक नहीं रहा है। पहले जहां गुरु अपने आदर्शों के प्रतिमान रचते थे लेकिन अब गुरु रुपी अध्यापक और अध्यापिकाएं पतन की…