गुरु पूर्णिमा व (असाढ़ी) – प्रवीण त्रिपाठी

गुरु की महिमा बड़ी महान। गुरु चरणों में मिलता ज्ञान।। बतलाते रहस्य अति गूढ़। ज्ञानी बन कर निखरे मूढ़।। गुरु में भरा ज्ञान भंडार। मन में भरते शुद्ध विचार।। संस्कारों…

भगवान श्री मल्लिकार्जुन- जिनके दर्शन के बाद नहीं होता है पुनर्जन्म – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com –  देवाधिदेव महादेव के बारह ज्योर्तिलिंगों में से दूसरा ज्योर्तिलिंग मल्लिकार्जुन के रूप में श्री शैलम् पर विराजमान है। श्री शैलम् में विराजमान इन मल्लिकार्जुन को सर्व सुख प्रदायक…

तुम मिलो तो सही – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) तुम मिलो तो सही, दिल से कहें…., सुनें जानें बातें अनकही !!   ( 2 ) तुम झुको तो सही, छुएं उत्तुँग शिखर…, आसमां पे चढ़के…

पर्यावरण संरक्षण व सुरक्षित के लिए पेड़ लगाना जरूरी – हेमलता चौधरी

  vivratidarpan.com शिवगंज (राजस्थान):- हरियालो राजस्थान कार्यक्रम के तहत महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय में प्रधानाचार्य हेमलता चौधरी एवं शारीरिक शिक्षक धर्मेन्द्र गहलोत द्वारा वृक्षारोपण कर छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक…

जिला प्रशासन ने 24 घंटे भीतर तैयार कराया आपदाग्रस्त बटोली गांव में दूसरा वैकल्पिक रास्ता

जिला प्रशासन ने 24 घंटे भीतर तैयार कराया आपदाग्रस्त बटोली गांव में दूसरा वैकल्पिक रास्ता; पहले रास्ते की तुलना में छोटा है नया रास्ता डीएम सविन बंसल ने निरीक्षण के…

मुख्यमंत्री ने सी.एस.सी (कॉमन सर्विस सेंटर) दिवस-2025 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में सी.एस.सी (कॉमन सर्विस सेंटर) दिवस-2025 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने…

आराधिका साहित्यिक पर मंच भव्य ‘गुरु पूर्णिमा’ विषयक काव्य गोष्ठी

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में 10जुलाई’ 2025 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जो 4:00 बजे से…

अभिव्यक्ति के नाम पर नकारात्मक राजनीति – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – सच्चे लोकतंत्र की पहचान यही है कि जनसाधारण को अपनी बात कहने का अधिकार है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कुछ लोगों की आदत हो गयी है कि…

बचपन का राग – डॉ. सत्यवान सौरभ

  बचपन का राग, हँसी की बहार, फूलों सी खुशबू, रंगों की बौछार। नन्हे कदमों की दुनिया बड़ी, सपनों की पगडंडी, हर पल नई।   चिड़ियों की चहचहाहट, तितली का…

क्या हुआ – दीपक राही

  क्या हुआ है, कुछ भी तो नहीं हुआ।   क्या चल रहा है, कुछ भी तो नहीं चल रहा हुक्मरानों के बीच।   क्या बदला, कुछ भी तो नहीं…