मंच की भीड़ में खोता साहित्य – रीता गुलाटी

vivratidarpan.com –  क्या साहित्य की आवाज़ सचमुच पाठक तक पहुँच रही है, या वह मंच की भीड़ में कहीं खोती जा रही है? कहा जाता है—“साहित्य समाज का दर्पण है।”…

मंथरा (काव्य-संग्रह) – सुधीर श्रीवास्तव

​1. मुखपृष्ठ: – पुस्तक का आवरण अत्यंत भव्य, कलात्मक एवं प्रासंगिक है। इस पर राजमहल के अंतःपुर की पृष्ठभूमि में चित्रित दृश्य में रानी कैकेयी गुलाबी वस्त्राभूषणों में गरिमामयी भाव…

माँ नवदुर्गा सम्मान से विभूषित हुए अनमोल कुमार सिंह

vivratidarpan.com रायबरेली। रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच, भारत द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय फेसबुक लेखन आयोजन में आदिशक्ति माँ नवदुर्गा प्रतियोगिता में अनमोल कुमार सिंह को माँ नवदुर्गा सम्मान से विभूषित किया…

माँ से प्रार्थना – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

हे मातु अंबे राम को प्रेरित पुनः अब कीजिये। संहार हर रावण करें यह प्रेरणा भर दीजिये। है घोर कलयुग दानवों सम आज मानव हो रहा। अब बोझ पापों का…