खुशी मुझको भी हो रही है – गुरुदीन वर्मा

  खुशी मुझको भी हो रही है, कि तुमने भी समझ लिया है, जीवन का ध्येय, और उत्सुक है तुम्हारे नेत्र, अपने लक्ष्य की तस्वीर देखने को, उतावले हैं तुम्हारे…

तुम बिन- सविता सिंह

  जरा थमना अभी चंदा, तनिक श्रृंगार है बाकी, मिलन था बस क्षणिक भर का, अभी अभिसार है बाकी, मधुर मनभावनी बेला अजी कब लौट कर आये। ठहर जा चन्द्रमा…

ट्रंप, टैरिफ और ट्रेड के बीच भारत- चीन सम्बन्धों का भविष्य – डॉ. गिरिजा किशोर पाठक

vivratidarpan.com -1954 में एक पिक्चर आयी थी -आर-पार । उसमें मजरुह सुल्तानपुरी का लिखा एक गीत गीता दत्त ने गाया था। “बाबूजी धीरे चलना, प्यार में ज़रा संभलना हाँ बड़े…

मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखंड के पहले साथी केंद्र का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को आईआईटी कानपुर के सहयोग से हेमवती नन्दन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खटीमा में ‘‘साथी केंद्र’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  आग में अब घी मिलना छोड़ दे । दूसरों के घर जलाना छोड़ दे ।   हो गया बर्बाद तू इस शौक में , बेवज़ह लड़ना लड़ाना छोड़ दे…

होगा सिर्फ उल्लास – नीलांजना गुप्ता

  लोग कहते हैं कि दुनियाँ, होती जा रही है उदास,खामोश। डूबते हुए सूरज के साथ, मैंने भी कुछ ऐसा ही सोचा और निकल पड़ी उदासी की तलाश में। मैदान…

भगवान शिव की गणेश पूजा का साक्षी कुमाऊँ का गण पर्वत – रमाकान्त पन्त

vivratidarpan.com – सनातन धर्म में प्रत्येक देवी देवता के पूजन एवं किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान श्री गणेश जी का पूजन किया जाता है । यहाँ तक कि स्वयं…

लखवाड़ एवं त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना को लेकर डीएम ने की हाईलेवल बैठक।

देहरादून 31 अगस्त 2025,लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना में प्रभावित परिवारों को भुगतान की जाने वाली अनुग्रह राशि और त्यूनी प्लासू जल विद्युत परियोजना हेतु प्रस्तावित भूमि अर्जन को लेकर जिलाधिकारी सविन…

विदिशा का ऐतिहासिक राधा रानी मंदिर  – पवन वर्मा

vivratidarpan.com –  विदिशा एक ऐसी प्राचीन नगरी है जिसका वर्णन अनेक प्राचीन ग्रंथों मे मिलता है। रघुकुलनन्दन शत्रुघ्न के पुत्र शत्रुघाती की राजधानी रहे इस नगर से गौतम बुद्ध के…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  इस दिल की धड़कनो मे बसा प्यार आपका, खुशियां मिले सदा ,रहे इख्लास आपका।   करते रहे फर्याद खुदा से भी हम सदा, छूटे न जिंदगी से ये दरबार…