खिलो सदा बेरूत – डॉ. सत्यवान सौरभ

धीरज रख, मत क्रोध कर, समय बड़ा बलवान। जो बोया वह काटता, जग का यही विधान॥   अपमानों से टूट मत, ख़ुद को रख मजबूत। सब सहकर भी बढ़ चलें,…

अन्तर्राष्ट्रीय रायबरेली काव्य महाकुम्भ: एक साहित्यिक महोत्सव

Vivratidarpan.com-रायबरेली/ गोण्डा: रायबरेली काव्य रस मंच के बैनर तले 26-28 अप्रैल तक  रायबरेली के आई टी आई परिसर ऑफिसर्स क्लब में आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय रायबरेली कवि महाकुम्भ का आयोजन…

सशक्त हस्ताक्षर की बैठक हुई संपन्न

Vivratidarpan.com जबलपुर – सशक्त हस्ताक्षर संस्था जबलपुर ने दिनांक 14. 04.2025 को होटल जश्न में शाम 05.00 बजे बैठक आयोजित की। बैठक में गणेश श्रीवास्तव प्यासा जबलपुरी, कवि संगम त्रिपाठी,…

औरंगाबाद के डॉ हेरम्ब को मिला ‘पंडित गोपाल लाल सिजुआर साहित्य सम्मान’

Vivratidarpan.com औरंगाबाद/गया: हिंदी,अंग्रेजी,मगही और ब्रजभाषा  की साहित्यिक पृष्ठभूमि के अमर प्रतिनिधि स्वर्गीय पंडित गोपाल लाल सिजुआर के हीरक जयंती के अवसर पर गया के सिजुआर भवन में एक भव्य साहित्यिक…

धामी सरकार का ठोस एक्शन प्लान : डेंगू-चिकनगुनिया के खिलाफ राज्यभर में बहुस्तरीय अभियान शुरू

डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसे घातक संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने एक ठोस और समग्र कार्ययोजना लागू कर दी है। गर्मी और बरसात के मौसम में…

मुख्य सचिव ने किया सभी विभागों में बायोमैट्रिक को अनिवार्य

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 1 मई, 2025…

पंजाब में पुनः आतंक फैलाने की तैयारी में पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आई.एस.आई – सुभाष आनंद

vivratidarpan.com – हुसैनी वाला के पार से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी एक बार पुन: भारतीय पंजाब को अशांत करने के नित नए-नए षड्यंत्र रच रही है।…

तेरी तरहां कभी मैं रूठ गया तो – गुरुदीन वर्मा

  तेरी तरहां कभी मैं रूठ गया तो, मनावोगी मुझको तुम किस तरहां गर मैं कभी नाराज हो गया तो, हंसावोगी मुझको तुम किस तरहां।। तेरी तरहां कभी मैं रूठ…

छंद :- जसवीर सिंह हलधर

शिक्षा को शेरनी का दूध बतलाने वाले , विधि के पुरोधा विद्वान को नमन है । दलितों के मान स्वाभिमान को बढ़ाने वाले , भीमराव जी के अनुदान को नमन…

“जयंती का शोर, विचारों से ग़ैरहाज़िरी”, “मूर्ति की पूजा, विचारों की हत्या”, “हाथ में माला, मन में पाखंड” – प्रियंका सौरभ

  बाबा साहेब की विरासत पर सत्ता की सियासत, जयंती या सत्ता का स्वार्थी तमाशा?  बाबा साहब के विचारों—जैसे सामाजिक न्याय, जातिवाद का उन्मूलन, दलित-पिछड़ों को सत्ता में हिस्सेदारी, और…