vivratidarpan.com पटना। अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच ने राजस्थान के कोटा में 1100 साल पुराने चंद्रसेल मठ के महंत देवानंद की निर्मम और जघन्य हत्या पर गंभीर आक्रोश व्यक्त किया है। मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संतो महंतो और सनातनियों के जान माल की सुरक्षा की मांग करते हुए देश में संत सुरक्षा कानून बनाने की मांग की है।
अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के राष्ट्रीय महासचिव और श्री गौरी शंकर बैकुंठ धाम न्यास समिति खुसरूपुर बैकटपुर के कोषाध्यक्ष पीठाधीश्वर डॉ श्यामा नंद जी महाराज ने कहा कि महंत देवानंद की हत्या से देश का संत समाज और सनातनी जगत आक्रोशित हैं। राजस्थान में संतों ने कोटा में जिस अस्पताल में महंत देवदास का शव रखा है उसके सामने धरना पर बैठे हैं ।स्थानीय ग्रामीण और संतों का कहना है कि महंत की हत्या करने वाले का जब तक एनकाउंटर नहीं होगा वह महंत देवदास के पार्थिव शरीर नहीं लेंगे।
पीठाधीश्वर डॉक्टर श्यामा नंद ने बताया कि बीती रात चंद्रशेल मठ में कुछ अपराधी घुसे और सोए हुए महंत देवदास की धारदार हथियार से उनके निर्मम हत्या कर दी। हत्यारे ने उन्हें धारीदार हथियार से 26 वार किया जिससे कि मठ के अंदर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है लेकिन हत्या के असली कारणों का खुलासा नहीं हो पाया।
पीठाधीश्वर ने बताया कि इस मामले को लेकर मंच की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है जिसमें साधु, संतों, हिंदू सनातनियों की जान माल की रक्षा के लिए संत सुरक्षा कानून बनाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द इस मांग को लेकर संपूर्ण देश में मंच की तरफ से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ब्रम्हानंद गिरि जी महाराज को सूचित कर आंदोलन के रूप रेखा तैयार करने की अपील की गई है।बिहार प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के प्रमुख संगठन महामंत्री डॉ अनमोल कुमार ने भी इस जघन्य हत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से अपराधियों की गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग किया है।
रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार
