vivratidarpan.com सुपौल ( डॉ अनमोल कुमार)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, सिमराही बाजार स्थित ओम शांति भवन एवं परमात्मा अनुभूति संग्रहालय में घटस्थापना के पावन अवसर पर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ कलश स्थापना कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबिता दीदी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर राजयोगिनी बबिता दीदी, वरिष्ठ व्यवसायी अनिल महतो, सौरभ कुमार,अबध मेहता,इंद्रदेव चौधरी, ऋचा बहन, जानकी देवी, सावित्री देवी, ब्रह्माकुमार किशोर भाई, हरि भाई, धीरज कुमार एवं रामफल साह सहित अन्य लोगों ने श्रद्धापूर्वक कलश स्थापना कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजयोगिनी बबिता दीदी ने घटस्थापना के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घटस्थापना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में पवित्रता, सकारात्मकता और श्रेष्ठ संस्कारों को धारण करने का भी प्रतीक है। जिस प्रकार अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए खेत में बीज बोकर उसकी देखभाल की जाती है, उसी प्रकार मनुष्य को अपने जीवन में सत्कर्मों के बीज बोने चाहिए तथा ज्ञान, सकारात्मक चिंतन और ईश्वरीय स्मृति से उन्हें सींचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के नौ दिनों में कलश की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों, नकारात्मक विचारों और अवगुणों पर विजय प्राप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। आत्मचिंतन और श्रेष्ठ कर्मों के माध्यम से जीवन में प्रेम, शांति, पवित्रता, करुणा एवं सद्भाव जैसे सद्गुणों को अपनाया जा सकता है।
बबिता दीदी ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस पावन अवसर पर अपने aजीवन को आध्यात्मिक ज्ञान और श्रेष्ठ संस्कारों से समृद्ध बनाएं। जिस प्रकार फसल को अच्छी उपज के लिए नियमित रूप से सींचना आवश्यक है, उसी प्रकार जीवन में सद्गुणों को विकसित करने के लिए निरंतर सत्कर्म और सकारात्मक चिंतन आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सच्ची आध्यात्मिक साधना का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और कर्मों को श्रेष्ठ बनाना भी है।
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को बुराइयों पर विजय प्राप्त करने, सद्गुणों को अपनाने और श्रेष्ठ कर्मों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई। घटस्थापना के प्रथम दिन आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के वातावरण में संपन्न हुआ।
मौके पर व्यावसायिक अनिल महतो, शिक्षक सौरव कुमार, इंद्रदेव चौधरी, रिचा कुमारी, शांति देवी, सावित्री देवी, जानकी देवी, अवध मेहता, धीरज कुमार, ब्रह्माकुमारी बिना बहन, ब्रह्माकुमार हरि भाई,रामफल भाई,ब्रह्माकुमार किशोर भाई जी सहित सीखो श्रद्धालु मौजूद थे।
