vivratidarpan.com पटना। रायबरेली काव्य साहित्य रस साहित्य मंच केन्द्रीय पटल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट सृजन हेतु डॉ अनमोल कुमार सिंह को यायावर साहित्य सम्मान से नवाजा गया।
यायावर – घुमक्कड़, जो एक जगह टिक कर नहीं रहता।
संस्कृत में याधातु से बना है, जिसका मतलब है – जाना, विचरण करना।
यायावर वो व्यक्ति है जो – एक जगह बंध कर नहीं रहता- घूम-घूम कर ज्ञान, अनुभव और जीवन को समझता है- उसके लिए पूरी दुनिया ही घर है।
राहुल सांकृत्यायन को महान यायावर कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने जिंदगी भर हिमालय से लेकर रूस तक यात्रा की।- साधु-संत, बंजारे, खोजी यात्री – सब यायावर हैं।
जो मंजिल से ज्यादा सफर से प्यार करे, वही यायावर है।
