( 1 ) माँ कालरात्रि
गोल ब्रह्मांड जैसी..,
हैं शुभंकरी !!
( 2 ) बिखरे केश
गले विद्युत माला..,
श्याम वर्ण की !!
( 3 ) सातवां रुप
माता देवी दुर्गा का..,
प्रिय सबकी !!
( 4 ) करती नाश
भय अंधकार का..,
माता कल्याणी !!
( 5 ) हैं शक्तिशाली
माँ कालरात्रि देवी..,
वरदायिनी !!
( 6 ) माँ बाईं भुजा
लोहे का काँटा खड्ग..,
अभय देती !!
( 7 ) चार भुजाएं
है वाहन गर्दभ..,
चलें हर्षाती !!
– सुनील गुप्ता
जयपुर, राजस्थान |
