नाप रहे फुटपाथ – डॉ. सत्यवान सौरभ

स्याही, कलम, दवात से, सजने थे जो हाथ।

कूड़ा-करकट बीनते, नाप रहे फुटपाथ।।

 

जिन आँखों में स्वप्न थे, पढ़ने के अरमान।

धूल धुएँ में ढूँढते, जीवन का सामान।।

कैसा यह परिवेश है, कैसा यह उत्पात…

कूड़ा-करकट बीनते, नाप रहे फुटपाथ।।

 

कंधों पर बस्ता नहीं, बोझा भारी आज।

बाल दिवस के गीत सब, लगते बेआवाज़।।

भूख छीनती बचपना, हर हँसता जज़्बात…

कूड़ा-करकट बीनते, नाप रहे फुटपाथ।।

 

आओ मिलकर सोचिए, बदले यह हालात।

हर बच्चे को मिल सके, शिक्षा की सौगात।।

तभी चमकते देश के, होंगे सच्चे हाथ…

कूड़ा-करकट बीनते, नाप रहे फुटपाथ।।

– डॉo सत्यवान सौरभ, 333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी,

हरियाणा – 127045, मोबाइल :9466526148, 01255281381

 

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