श्रावण की पंचमी आई है,
नाग देव की पूजा छाई है।
दूध और फूल चढ़ाते हैं,
कालिया नाग को मनाते हैं।
खेतों के रखवाले तुम हो,
फसलों के रखवारी हो।
नाग देव हम सबकी रक्षा करो,
जीवन में सुख अपार दो।
न डर, न बैर, न द्वेष हो,
सब जीवों से प्रेम रहे।
नागपंचमी का पावन दिन,
शांति और सौहार्द का संदेश दे।
– डॉ अनमोल कुमार
मोकामा, पटना ( बिहार)
