वरत उपवास खास कइली हम आज हो।
करवा चौथ के फलवा मिले मोरे सुहाग हो।
शिव पार्वती पूजी इहे हम गोहराई।
हर जनम अपने सजना हम पाई।
फैलाई के अचरीया मंगली हम सवरिया,
कवनो नजरिया लागे ना
कवनो सौतिनिया टोनहिनिया के नजरिया लागे ना।
छोड़िहा जनी पिया हमके बीच मझधार हो।
तोहरे संगवा होई पिया हमरो बेड़ापार हो।
पग पग चलब संगवा हम डहरिया
नजरिया लागे ना।
कवनो सौतिनिया टोनहिनिया के नजरिया लागे ना।
आज हवे करवा चौथ तोहे चलनी से निहारब ।
तोहरे हाथे पनिया पी के नजरिया हम उतारब ।
चनवा के अंजोरिया देखब बीच झांझरिया नजरिया लागे ना।
कवनो सौतिनिया टोनहिनिया के नजरिया लागे ना।
सौ सौ साल जिया सजना इहे अरमान हो।
पलना में झूले ललना दे दा इहे वरदान हो ।
हरदम मिले हमके तोहरो खुशखबरिया नजरिया लागे ना।
कवनो सौतिनिया टोनहिनिया के नज़रिया लागे ना।
– श्याम कुंवर भारती ( राजभर)*, बोकारो,झारखंड
