मोला मइके भेज देना जोड़ी, आगे हे मोर लेनहार।
बहिनी-माई मेर मिलहूँ, नीक लागही तीजा तिहार।।
हाँसत, कुलकत मँय जाहूँ, दाई-ददा के घर-अँगना।
सज-धज के तियार हँव, बांध झन मया के बंधना।।
काबर रिसाके गुस्सा हस, मनाके पारत हँव गोहार।
मोला मइके भेज देना जोड़ी, आगे हे मोर लेनहार।।
जुर के जम्मों माइलोगिन मन, हली-भली गोठियाबो।
तीजा के एक दिन पहिली, करु करेला, भात खाबो।।
अपन घर के दुलौरिन बेटी अँव, मयारू हें मोर परुवार।
मोला मइके भेज देना जोड़ी, आगे हे मोर लेनहार।।
तोर बर रइहूँ निरजला उपास, दिन भर भूखे-पियासे।
ठेठरी, खुरमी बनाबो हमन, सब लांघन रहिके निराठे।।
बाबू, भईया मन दिहीं लुगरा, पहिन के होबो तियार।
मोला मइके भेज देना जोड़ी, आगे हे मोर लेनहार।।
तोर उमर ह बाढ़य कहिके, महादेव ले माँगहूँ बरदान।
जुग-जुग जियय मोर गोसईया, आसीस देदे भगवान।।
शिव-गौरी के पूजा करके, जुरमिल के करबो फरहार।
मोला मइके भेज देना जोड़ी, आगे हे मोर लेनहार।।
-अशोक कुमार यादव, मुंगेली, छत्तीसगढ़
