vivratidarpan.com धनबाद – हमार भोजपुरी भाषा संस्था के द्वारा गुगल मिट पर रात्रि आठ बजे से छठ पूर्व के उपलक्ष पर एक भव्य आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।जिसका विषय *उगा हो सूरज देव* रखा गया था। आयोजन मुख्य अतिथि के रूप में भोजपुरी के प्रकांड विद्वान द्वारिका नाथ तिवारी ,बोकारो ,सभा अध्यक्ष के रूप में पूर्व सैन्य अधिकारी चिदानंद पाण्डेय चिद्रूप बनारस यूपी ने भाग लिया और मंच का संचालन संतोष कुमार ओझा प्रभाकर बाघमारा धनबाद ने किया।
मुख्य अतिथि श्री तिवारी ने कहा कि भोजपुरी बहुत ही सरस सरल और प्रतिष्ठित भाषा है।लेकिन कुछ लोगों ने इसने अश्लीलता फैलाकर इसे बदनाम करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में हम सभी साहित्यकारों को अपनी कलम के माध्यम से भोजपुरी की प्रतिष्ठा को बचाने बढ़ाने और समृद्ध करते रहना है।
सभा अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि शीघ्र ही अपने पिता जी की लिखी रचनाओं का भीजपुरी काव्य संग्रह के बीमोंचन के अवसर पर रेवतीपुर गाजीपुर यूपी में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
संस्था के संस्थापक व आयोजन के संयोजक श्याम कुंवर भारती ने बताया जल्दी ही बोकारो सिटी में एक भोजपुरी कवि सम्मेलन का आयोजन और भोजपुरी पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया जाएगा – मेरी लिखी भोजपुरी कहानी *घुरहू के मेहरारू मुखियाइन* पर एक भोजपुरी फिल्म का निर्माण करने की योजना बनाई जाएगी। जम्मू कश्मीर में होने वाले कहानिका अखिल भारतीय कवि सम्मेलन जो 29 नवंबर को होने जा रहा है इसमें सभी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले।भारती ने कहा भोजपुरी की संस्कृति के प्रचार और प्रसार हेतु हमेशा सभी कहानी, कविता गीत,आलेख ,पुस्तक लिखते रहे ।
साथ ही भोजपुरी के गीतों की मिठास और संस्कार बनाए रखे।निर्गुण,पूर्वी ,विवाह गीत,छठ गीत,सोहर , देवी पचरा गीत ,लोक गीत ,कजरी,चैता गीत आदि ऐसी लोक संस्कृति है जिसमें पूरा समाज और संस्कार झलकता है।ऐसी रचनाओं का सृजन नित्य करते रहे सभी ।
शीघ्र ही भोजपुरी छठ गीतों का एक संकलन प्रकाशित किया जाएगा।
कवि सम्मेलन में सभी कवियों ने भोजपुरी और छठ गीतों की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।जिसमें मुख्य रूप से दुर्गा दत्त मिश्रा ,दुबई,प्रिंस कुमार ओझा मुंबई,संजय कुमार ओझा नई दिल्ली,दिलीप पैनाली आसाम,इंद्रजीत तिवारी निर्भीक बनारस यूपी, चिदानंद पाण्डेय चिद्रूप बनारस यूपी,श्याम कुंवर भारती बोकारो ,झारखंड, संतोष कुमार ओझा प्रभाकर ,धनबाद, डॉ बैधनाथ प्रिंस कथारा , बोकारो, श्वेता चौबे चंपारण बिहार , नन्द कुमार मिश्र बिहार और द्वारिका नाथ तिवारी ने छठ और भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति से सबको मोहित कर दिया।
– प्रिंस कुमार ओझा, सचिव, हमार भोजपुरी भाषा
