छटपटाता रहता हूँ मैं – गुरुदीन वर्मा

  नहीं छोड़ पाया मैं, अभी तक, अपनी इस आदत को, रात को जब, सो रही होती है दुनिया, मैं व्यस्त होता हूँ, अपने काम में, और डूबा रहता हूँ,…

गजल – मधु शुक्ला

  सात्विक जीवन को अपनाना सबके बस की बात नहीं, सीमित साधन में मुस्काना सबके बस की बात नहीं।   पीछे धन के भागें जिन घर दौलत के भंडार भरे…

सपने सच होंगे – राजेश कुमार झा 

  सपने सच होंगे ।+ मंजिल तक पहुंच जाओगे।। अगर हौसला हो मजबूत। तो कुछ भी कर जाओगे ।। चलोगे सच्चाई की राह पर । जीवन में आपार खुशियां पाओगे…

सरकारी स्कूल की पीड़ा – प्रियंका सौरभ

  जहाँ दीवारें बोली थीं, “आओ, अक्षर की जोत जलाएँ,” जहाँ धूप में भी छाँव मिला करती थी मास्टर जी की टेढ़ी मुस्कान में— वहाँ अब सन्नाटा पसरा है, धूल…

शब्दों की शास्त्रीय यात्रा “शब्दिका” – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – हिंदी के काव्यशास्त्र के अनुसार कविता की मूल्यवत्ता ध्वनि, रस, अलंकार, वक्रोक्ति, औचित्य आदि तत्वों में निहित होती है, जबकि पश्चिमी आलोचना उसे भाव, संरचना, प्रतीकात्मकता, भाषा की प्रामाणिकता…

ग़जल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  आ गया वो रूह में मंज़र नहीं देखा गया । पूजते  पत्थर  रहे अंदर नहीं देखा गया ।   आत्म मंथन के सफ़र में देह से ऊपर उठा ,…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  हँसते हँसते जान देना देखना, इश्क मे सब कुछ लुटाना देखना।   मुस्कुराकर खिलखिलाना देखना, प्रेम बाँटे प्रेम पाना देखना।   जिंदगी मे सब लुटाना देखना, जान देगे, आजमाना…

आराधिका साहित्यिक मंच पर पिता दिवस काव्य गोष्ठी हुई संपन्न

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) पर पिता दिवस /जन्मदिवस (डा. ओम ऋषि भारद्वाज) विषयक 40 वीं भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का 10 जून’ 2025 आयोजन किया गया। गोष्ठी सायं 4:00…

अथाई – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) चारपाई पे पीपल पेड़ नीचे, गुफ़्तगू करें !!   ( 2 ) है ये चौपाल दुःख-सुख की बात, सुनाएं हाल !!   ( 3 ) गोष्ठी…

प्रिया हो – प्रकाश राय

  पुष्पों से पुष्पित पुष्पा हो, पल्लवित होकर प्रिया हो।   तन एवं मन से यौवन हो, कर्म महान,व्यवहार मधुर हो।   जन-जन की चेतना हो, आराध्य की आराधना हो।…