vivratidarpan.com – हिंदी के काव्यशास्त्र के अनुसार कविता की मूल्यवत्ता ध्वनि, रस, अलंकार, वक्रोक्ति, औचित्य आदि तत्वों में निहित होती है, जबकि पश्चिमी आलोचना उसे भाव, संरचना, प्रतीकात्मकता, भाषा की प्रामाणिकता…
हँसते हँसते जान देना देखना, इश्क मे सब कुछ लुटाना देखना। मुस्कुराकर खिलखिलाना देखना, प्रेम बाँटे प्रेम पाना देखना। जिंदगी मे सब लुटाना देखना, जान देगे, आजमाना…
vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) पर पिता दिवस /जन्मदिवस (डा. ओम ऋषि भारद्वाज) विषयक 40 वीं भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का 10 जून’ 2025 आयोजन किया गया। गोष्ठी सायं 4:00…