गीत – जसवीर सिंह हलधर

तुम चाहे मानो मत मानो , पर मेरा विश्वास अटल है । मज़हब अगर नहीं होते तो ,रूप जगत का न्यारा होता ।। जाति धर्म के बंध न होते ,…

ये मेघ – रश्मि मृदुलिका

  लगता है ये मेघ मेरी तरह है, कभी बेमौसमी उमड़ते है, जैसे मेरे मन के भाव हो, कभी टपकते है धीमे- धीमे, ओस की ठंडी बूंदें बनकर, जैसे आंखों…

साँप-सीढ़ी (बाल कविता) – सुधाकर आशावादी

  जीवन में संघर्ष हैं कितने, साहस का है कितना खेल, जीवन का सच समझाता, साँप सीढ़ी का अद्भुत खेल।   समृद्धि की सीढ़ी चढ़ते, पासों की गिनती से सारे,…

योग साधना – डॉ. सत्यवान सौरभ

  योग भगाए रोग सब, करता हमें निरोग। तन-मन में हो ताजगी, सुखद बने संयोग।।   योग साधना  जो करे,  भागे उसके भूत। आलस रहते दूर सब, तन रहता मजबूत।।…

करें योग, बने रहें निरोग – सुनील गुप्ता

( 1 ) करें योग बने रहें निरोग, और अपने ‘ स्व ‘ में रहें स्थित सदा ! है स्वस्थ शरीर ये श्रीप्रभु मंदिर के समान.., और इसके बने हम…

बता दिया होता – अनिरुद्ध कुमार

  हाल अपना जता दिया होता, आह दिलसे मिटा दिया होता।   प्यार में दुश्मनी नहीं अच्छी, नफरतों को दबा दिया होता।   रात-दिन प्यार में तड़प कैसी, कर इशारा…

प्रेम – ज्योत्सना जोशी

  लौट आना स्वीकार्य भी है और अनिवार्य भी लौट आना हमेशा निर्बल या निरीह नहीं होता, लौट आना उन रिक्त जगहों पर रंगों के कुछ छींटों को उड़ेलना जैसा…

गीतिका – मधु शुक्ला

  रिवाजों से शिकायत का चलन जग में पुराना है, बुजुर्गों की इसी तकनीक से मौसम सुहाना है।   सुखी परिवार का आधार ममता,एकता होती, इसी सच के वरण द्वारा…

विश्व युद्ध की आहट – श्याम कुंवर भारती

  सुनाई दे रही है फिर से विश्व युद्ध की अब आहट मुझको। ईरान और इजराइल जंग से हो रही अकुलाहट मुझको।   बंट रही है दुनिया देखो दो खेमे…

दोहे – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  देवतुल्य है हर पिता, वह जीवन का मूल। वह पराग के तुल्य है, जिससे खिलते फूल।।1   संतति को देता सदा, गहन वृक्ष सम छाँव। कष्ट न हो संतान…