अधूरापन – रेखा मित्तल

  कर रही थी खोखला दिन प्रतिदिन भीतर से उसके प्रेम की बेड़ियाँ लड़की भ्रम में थी शायद मुझसे लगाव अधिक हैं अचंभित हुई वह जिस दिन मिट्टी की माफि़क…

शुभांशु – सुनील गुप्ता

( 1 ) लौटा शुभांशु हुआ मिशन पूर्ण, आनन खिला !! ( 2 ) हिंद की जय ब्रह्माण्ड की विजय, रहस्य खुला !! ( 3 ) सबके लिए है गौरव…

हास्य व्यंग के साथ गुदगुदाता एकल संग्रह ‘यमराज मेरा यार’ – सुरेंद्र शर्मा सागर

vivratidarpan.com – सर्वप्रथम में आ. सुधीर श्रीवास्तव गोंडा उत्तर प्रदेश को उनके द्वारा सृजित पुस्तक “यमराज मेरा यार” के प्रकाशित होने पर हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे यह एकल संग्रह…

कभी तो…  (कहानी) –  डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – बहुत दिनों से जाने कितना कचरा भरे बैठी थी दिमाग में। आखिर उसे मौका मिल ही गया कचरे से भरे डस्टबिन को खाली करने का। उसने अपने मन…

अधूरापन – रेखा मित्तल

  कर रही थी खोखला दिन प्रतिदिन भीतर से उसके प्रेम की बेड़ियाँ लड़की भ्रम में थी शायद मुझसे लगाव अधिक हैं अचंभित हुई वह जिस दिन मिट्टी की माफि़क…

जय गौरीशंकर – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  जटा गंगधार बहे अर्द्ध चंद्र शीश सजे, चर्म वस्त्र अंग सोहें मस्तक विशाल है।   आभूषण बिच्छू-सर्प, हर लिया सर्व दर्प, नाग का कंकण हाथ लगता कमाल है।  …

ग़ज़ल – रीता गुलाटी.

  भीख माँगे रास्तों पर हाथ फैलाते मिले, गोद मे बच्चे हैं उनके बोझा वो ढोते मिले।   मस्त होता आशिकी मे,ये जहाँ प्यारा लगे, राह के पत्थर भी हमको,गीत…

प्रेम भरी बातें – सविता सिंह

  तुम्हारी यह प्रेम भरी बातें न जाने क्यों मुझमे प्रेम नहीं भर पाती। मत कहो तुम प्यार करते हो आई लव यू ये शब्द हमें लुभाते नहीं। यह ढाई…

गुरु पूर्णिमा व (असाढ़ी) – प्रवीण त्रिपाठी

गुरु की महिमा बड़ी महान। गुरु चरणों में मिलता ज्ञान।। बतलाते रहस्य अति गूढ़। ज्ञानी बन कर निखरे मूढ़।। गुरु में भरा ज्ञान भंडार। मन में भरते शुद्ध विचार।। संस्कारों…

तुम मिलो तो सही – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) तुम मिलो तो सही, दिल से कहें…., सुनें जानें बातें अनकही !!   ( 2 ) तुम झुको तो सही, छुएं उत्तुँग शिखर…, आसमां पे चढ़के…