सावन को आने दो – प्रियंका सौरभ

  सावन को आने दो, बूँदों को गाने दो, मन के सूने कोनों में हरियाली छाने दो।   भीगी धूप में खिलती मुस्कानें हों, तन क्या, मन भी तनिक भीग…

आजादी के बाद भी – गुरुदीन वर्मा

  (शेर)- किसको पसंद है यूँ अपनी जिंदगी को, दोज़ख बनाना। मगर हालात कभी ऐसे होते हैं, आदमी मुजरिम बन जाता है।। यूँ तो चाहते हैं सभी कि, वो किसी…

धन रोपनीया ये बालम – श्याम कुंवर भारती

  हमसे ना होई धन रोपनिया ये बालम। ननद मोर झलकावेली नथुनिया ये बालम।   खेतवा में सगरो लबालब पनिया भरल बा। कादो माटी सनाइल गोड़वा ओढनिया सनल बा। बरखा…

चाँद – अंजू लता

  झटपट चल देता है सुबह- शाम को घर आ जाता है, रात के लंबे लम्हों में वह- खुद से खुद बतियाता है. मैं ‘धरती माँ’ममतामयी उससे गहरा नाता है……

ओम् नमः शिवाय – क्षमा कौशिक

  दूर  दूर से काँवड आये, परम सुपावन काशी में। मन में दृढ़ विश्वास जगाये, गोपेश्वर अविनाशी में।।   प्रेम भक्ति जल गागर लेकर, लोग शिवालय आते हैं। दूध दही…

नन्ही दुनिया – डॉ. सत्यवान सौरभ

  नन्ही नन्ही दुनिया, सपनों की बगिया, मुस्कानों से भरी, खिलखिलाती हर गली। तितली के पंख, बादलों की चाल, हर दिन नया रंग, हर शाम निराली ताल।   मिट्टी की…

मेटा की मायावी चेतावनी (व्यंग्य) –  विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – कल सुबह की बात है। चाय का प्याला हाथ में लेकर अखबार पढ़ ही रहा था कि मोबाइल की स्क्रीन पर ‘दुनिया बदलने वाला’ एक मैसेज आ टपका। लिखा…

माँ भवानी – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  अम्बे माँ जय भवानी अनुपम है कहानी, रूप अलौकिक देख भाव दिल में भरें।   दिव्यता बड़ी निराली भरें सदा झोली खाली, ममता की मूरत को भक्त नमन करें।…

दोहा (करजा) – अनिरुद्ध कुमार

  कर्ज जहर सम जान लें, जीना करें हराम। रूखा सूखा पान कर, जीवन में आराम।।   जो मानव ऋण में फँसा, सदा रहें हैरान। सबके नजरों से गिरे, खो…

मौसम मुस्काया – डा. अंजु लता सिंह

  नभ में मची हलचल,मचल उठे बादल- दल-बल संग कुपित हुए,बरसे हो पागल, झमाझम बरसीं आँगन में बूँदें- शाख़,फूल,पत्तों  पर उछलें और कूदें.   थिरक उठा कोने में रक्खा छाता…