आखिरी सवाल ? – दीपक राही

  दुनिया का आखिरी सवाल जब पूछा जा रहा होगा, तब न तो सवाल पूछने पर पाबंदी होगी और न ही किसी को सूली पर चढ़ाया जा रहा होगा, बस…

धडल्ले से उपयोग हो रही है इमोजी की वैश्विक भाषा – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – भाषा हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। देश को जोड़ने में हिन्दी के महत्व को समझते हुये ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में…

करो तुम काम वो ही – गुरुदीन वर्मा

करो तुम काम वो ही, होवे तारीफ हाँ जिसकी। खुशी तुमको भी मिले, खुशी जिसमें हो सबकी।। करो तुम काम वो ही———————।। बहुत है काम यूँ तो, मिलता है फल…

अधूरापन – रेखा मित्तल

  कर रही थी खोखला दिन प्रतिदिन भीतर से उसके प्रेम की बेड़ियाँ लड़की भ्रम में थी शायद मुझसे लगाव अधिक हैं अचंभित हुई वह जिस दिन मिट्टी की माफि़क…

शुभांशु – सुनील गुप्ता

( 1 ) लौटा शुभांशु हुआ मिशन पूर्ण, आनन खिला !! ( 2 ) हिंद की जय ब्रह्माण्ड की विजय, रहस्य खुला !! ( 3 ) सबके लिए है गौरव…

हास्य व्यंग के साथ गुदगुदाता एकल संग्रह ‘यमराज मेरा यार’ – सुरेंद्र शर्मा सागर

vivratidarpan.com – सर्वप्रथम में आ. सुधीर श्रीवास्तव गोंडा उत्तर प्रदेश को उनके द्वारा सृजित पुस्तक “यमराज मेरा यार” के प्रकाशित होने पर हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे यह एकल संग्रह…

कभी तो…  (कहानी) –  डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – बहुत दिनों से जाने कितना कचरा भरे बैठी थी दिमाग में। आखिर उसे मौका मिल ही गया कचरे से भरे डस्टबिन को खाली करने का। उसने अपने मन…

अधूरापन – रेखा मित्तल

  कर रही थी खोखला दिन प्रतिदिन भीतर से उसके प्रेम की बेड़ियाँ लड़की भ्रम में थी शायद मुझसे लगाव अधिक हैं अचंभित हुई वह जिस दिन मिट्टी की माफि़क…

जय गौरीशंकर – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  जटा गंगधार बहे अर्द्ध चंद्र शीश सजे, चर्म वस्त्र अंग सोहें मस्तक विशाल है।   आभूषण बिच्छू-सर्प, हर लिया सर्व दर्प, नाग का कंकण हाथ लगता कमाल है।  …

ग़ज़ल – रीता गुलाटी.

  भीख माँगे रास्तों पर हाथ फैलाते मिले, गोद मे बच्चे हैं उनके बोझा वो ढोते मिले।   मस्त होता आशिकी मे,ये जहाँ प्यारा लगे, राह के पत्थर भी हमको,गीत…