(शेर)- गर तुमसे कहे कोई, आवो खो जावो तुम मेरी मस्ती में। क्या रखा है जिंदगी में, करो मौज, चाहे आग लगे बस्ती में।। लेकिन मैं तुमसे ऐसी उम्मीद…
हड्डियों का जाल है ये कारखाना जिस्म का । चंद सांसों पर टिका है वारदाना जिस्म का । जान आदम की बचाने में जुटी चारागरी , मौत को…
सुबह की पहली किरण आई, खुशियों की बहार लाई। पंछी बोले, फूल मुस्काए, नन्हे बच्चे खेल में लगाए। सूरज की गर्माहट में, छुप-छुप कर सब खेले। धूप की…
चाहत है बड़ी मेरी खुशियां सारी तेरे नाम हो जाए। पता नहीं कब कैसे अब जिंदगी की शाम हो जाए। हुआ है हादसा बड़ा तुमसे दिल लगाने का…
कभी ढूँढते थे तेरी आशिकी को, तरसते रहे हैं तेरी बंदगी को। नजर ना लगे अब मेरी जिंदगी को, रहे प्रेम से हम जिये अब खुशी को। …
यकीन हम भी करें उस पर, लेकिन मिला नहीं ऐसा। हमसे दगा जो करें नहीं, आया नजर नहीं ऐसा।। यकीन हम भी करें उस पर———————।। यूँ तो हजारों…
( 1 ) सावन की यादें सावन की बातें, कभी भूले न भुलाई जा ही सकें ! वो अमवा की डारि पे पड़े झूले.., और मंद फुहारों में झूलना…
vivratidarpan.com बोकारो (झारखण्ड) शिखा गोस्वामी – कहानिका हिंदी पत्रिका के बिहार अध्याय द्वारा सावन कजरी पर एक ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया ।आयोजन गूगल मीट पर किया…
आओ बादल गाँव हमारे, तुमको खेतिहर रोज पुकारे। बिन बूंदों के खेत सूख रहे, निराशा उपज रही सकारे। मंहगे मंहगे बीज खरीदे, खाद के लिए हाथ पसारे। जैसे-तैसे धान…
कुंभज ऋषि ने कथा सुनाई। बहु विधि कीन्हे राम बढ़ाई।। हर्ष गहे हैं सुन त्रिपुरारी। चकित हुईं हैं दक्ष कुमारी।। भ्रमण करें जो वन में रोते। प्रिया हेतु…