नन्हा मुस्कान – डॉ. सत्यवान सौरभ

नन्हा मुस्कान खिलता रहे, खुशियों की बारात चले। हर दिल में हो प्यार बसाए, हर पल हँसी गाए। चंदा मामा देखे नीचे, सितारे चमकें झिलमिलाए। पंछी गाएं गीत प्यारे, धरती…

गीतिका – मधु शुक्ला

  रिवाजों से शिकायत का चलन जग में पुराना है, बुजुर्गों की इसी तकनीक से मौसम सुहाना है।   सुखी परिवार का आधार ममता,एकता होती, इसी सच के वरण द्वारा…

साँझ – सविता सिंह

  उम्र की इस साँझ में, जब तुम स्वयं से मिले पूछो मन के मौन से, क्यों इतने भ्रम में ढले? किसे खोजता फिरा मन, किसकी अधूरी प्यास है? मृग…

ग़ज़ल – कशिश होशियारपुरी

  यह  तमन्नाओं का गुलज़ार  बहुत  अच्छा  है, मौसम-ए-हिज्र  तो  इस  बार  बहुत  अच्छा है।   ज़िन्दगी आई थी कुछ ख़्वाब सी शर्तें  ले कर, आप ने  कर  दिया  इनकार…

वर्षा फुहार – श्याम कुंवर भारती

  आप अकेले क्यों भींग जाने लगे । बारिश में मुझे क्यों भूल जाने लगे।   रिमझिम फुहार वर्षा अंग सिहराये। यादों के झरोखों में बदन लहराए। हवाओं के संग…

स्त्री पुरुष संबंध – रेखा मित्तल

  मुड़ जाती हैं स्त्रियां बार बार उन रास्तों पर जहां वह रुसवा हुई नहीं तलाश पाती अपने लिए एक नया आसमान ऐसा प्रेमवश कतई नहीं पर शायद उन्होंने देखी…

मेरे राम – सुनील गुप्ता 

  ( 1 ) मेरे राम बसते मेरे मन मंदिर, करूँ उनकी पूजा, गुणगान उन्हीं के !!   ( 2 ) हैं वही मेरे प्रिय त्रिलोकी भगवान, उन्हीं की शरण,…

बेकदर शहर में – अनिरुद्ध कुमार

  भटक रहें बेकदर शहर में, कहाँ ठिकाना यहाँ नजर में।   मिले सहारा यहीं तमन्ना, नया मुसाफिर बनें इधर में।   हवा यहाँ पर करें शरारत, कहाँ इनायत रहें…

माता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com सुधीर श्रीवास्तव- माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ की प्रथम आभासी काव्य गोष्ठी का ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  जिंदगी मे यार कब रहबर मिले, प्यार के प्यासे सभी दिलबर मिले।   लौटना था आपका साहिल से बस, मैने कब सोचा मुझे ये भँवर मिले।   चाँद ढूँढे…