vivratidarpan.com सोशल मीडिया के इस दौर में स्थिति यह है कि लेखक बाद में पैदा होता है, सम्मानों की ‘फ़ेहरिस्त’ पहले तैयार हो जाती है। हर दूसरा व्यक्ति किसी न…
माता–पिता की डाँट खाए बिना, पत्थर भी प्रतिमा नहीं बन पाता। छेनी–हथौड़े की चोट सहे बिन, उसमें भगवान कहाँ उतर पाता। हर चोट उसे आकार देती है, हर पीड़ा पहचान…
शांत प्रभात में जन्मे वर्धमान महावीर आज, अहिंसा का दीप जला जग में उजियारा। सत्य, तप, संयम से जीवन पथ दिखलाया, त्याग, विरक्ति का अमृत संदेश दिया सबको। करुणा की…
vivratidarpan.com – दरवाज़े पर दस्तक हुई तो भीतर जैसे हल्की-सी हलचल जाग उठी। आहट सुनकर एक बड़ी-बड़ी आँखों वाली युवती ने धीरे से दरवाज़ा खोला। सामने खड़े युवक ने विनम्र…