मौन अहंकार नहीं – सुनील गुप्ता

( 1 ) मौन कदापि अहंकार नहीं, है स्वयं से स्वयं को, जानना यहीं  !!   ( 2 ) मौन मन साधना यद्यपि, रहते ‘स्व’, में  बनाते ‘प्र’ भाव से…

सप्तपदी – सुनील गुप्ता

( 1 )” स “, सर्वप्रथम एकपदी रखते चलें.., सुदृढ़ता संग जीवन रचते  !!   ( 2 )” प् “, प्यार सौगात उपहार अद्वितीय …, बनाएं ऊर्जावान द्विपदी हमें !!…

तनिक लाठी तो लाना – ज्योती कुमारी

वह नन्हा सा राजकुंवर, जब खींचता है कुर्ता मेरा, कहता है— “दादा जी, बस सोए ही रहते हो, चलो ना, मेरे साथ खेलने।” मैं मुस्कुराता हूँ, अपनी थकी हड्डियों में…

तैयारी जीत की – अशोक यादव

नया साल बड़े ही धूमधाम से मनाना है। कुछ पाने के लिए, कुछ कर दिखाना है।। जीत होगी या हार होगी, मत सोचो तुम, हर हाल में मंजिल के शिखर…

अधूरी-सी मैं – रेखा मित्तल

जब भी मुलाकात होती है तुमसे थोड़ी-बहुत वही छूट जाती हूँ मैं मिलती हूँ जब भी तुमसे हर बार अधूरी-सी लौट आती हूँ मैं बहुत से शिकवे हैं तुमसे बहुत…

दुनिया हिंद दीवानी – श्याम कुंवर भारती

देश पर मर मिटने का हो जज्बा जिसमें वो सच्चा हिन्दुस्तानी है। खून नहीं खौले जिसका देश के दुश्मनों वो खून नहीं पानी है।   हम खुशनसीब भारत भूमी में…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

सभी को साथ चलना अब जरूरी हो गया है । सपोलों को कुचलना अब जरूरी हो गया है ।   सभी अहसास जम पत्थर हुए हैं आज भाई  , शिलाओं…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

जो देखा ख्याब पूरा सा नही है। जो सोचा यार सच्चा सा नही है।   मिलेगा प्यार तेरा यार ये जमता नही है। मुझे  इस बात का शिकवा नही है।…

उम्मीदों की किरण – रोहित आनंद

पूर्व दिशाओं में रंग सुनहरा, छाई हल्की-सी झंकार , उठा धरा का कोना-कोना, आई भोर लिये उपहार।   लाल किरण की चूनर ओढ़े, आया सूरज मुस्का-मुस्का, बिखर गई सोई गलियों…

अकादमी सम्मान की रुकी हुई घोषणा (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – सचिव का इंतजार था जो संस्कृति मंत्रालय में निदेशक भी हैं।अकादमी सम्मान घोषित होने थे । इंतजार सिर्फ एक घोषणा का नहीं था , उस व्यवस्था का था जो…