साहित्य के सम्मान: लेखनी से ज्यादा लॉबिंग महत्वपूर्ण- विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com  सोशल मीडिया के इस दौर में स्थिति यह है कि लेखक बाद में पैदा होता है, सम्मानों की ‘फ़ेहरिस्त’ पहले तैयार हो जाती है। हर दूसरा व्यक्ति किसी न…

माता–पिता की डाँट – अमित कुमार

माता–पिता की डाँट खाए बिना, पत्थर भी प्रतिमा नहीं बन पाता। छेनी–हथौड़े की चोट सहे बिन, उसमें भगवान कहाँ उतर पाता। हर चोट उसे आकार देती है, हर पीड़ा पहचान…

भोजपुरी देवी पचरा गीत – श्याम कुमार भारती

ये भवानी मांगीला ना फैलाई के अंचरवा, हम मनसा पुराइब न हो। काहे रिसीयाइल मईया लट छितराई। अपने बेटिया के गइलू काहे तू भुलाई। ये मइया भरी दा न खाली…

महावीर जन्म कल्याण दिवस -राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

शांत प्रभात में जन्मे वर्धमान महावीर आज, अहिंसा का दीप जला जग में उजियारा। सत्य, तप, संयम से जीवन पथ दिखलाया, त्याग, विरक्ति का अमृत संदेश दिया सबको। करुणा की…

नया उजाला (कहानी) – किशन लाल शर्मा

vivratidarpan.com  – दरवाज़े पर दस्तक हुई तो भीतर जैसे हल्की-सी हलचल जाग उठी। आहट सुनकर एक बड़ी-बड़ी आँखों वाली युवती ने धीरे से दरवाज़ा खोला। सामने खड़े युवक ने विनम्र…

हम हैं बिहारी- सविता सिंह

हमको बहुत खीस बड़ता है, और कभी मन अनसा भी जाता है, लेकिन जब दुआरे कोई आ जाता है, बिना चाय पिए, पकौड़ी खिलाए—नहीं भेजा जाता है। और उतने पे…

माँ कात्यायनी वंदना – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

स्वर्ण प्रभा सी ज्योति लिए, सिंहासन पर विराजी हो, ऋषि कात्यायन की तपस्या से, धरती पर तुम आई हो। कर में कमल, कर में तलवार, रूप अनोखा धारण किया, अधर्म…

कविता – सुनील गुप्ता

( 1 ) कविता मन भावों की, है बहती सरिता ! चले सदा हर्षाए.., हँसाए गुदगुदाए कविता !! ( 2 ) कविता स्वान्तः सुखाय की, है अद्भुत गाथा ! प्रतिपल…

जल की महत्ता – प्रवीण त्रिपाठी

जल जीवन है जल संबल है जल सबका आधार जल परिवर्तन जल घर आँगन जल की शक्ति अपार कल कल करता निर्मल बहता जल से ही संसार कूप बावड़ी ताल…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

मुहब्बत को बया करके हकीकत को बताएगा। छिपी जो आरजू दिल मे, वही हमको सुनाएगा।   नशा तेरी मुहब्बत का लगा चढने हमारे सर। मिले जो साथ बस तेरा सदा…