उसने कहा था – सुनील गुप्ता

उसने कहा था कि, तुम्हारा भाग्य बहुत अच्छा है.. और एक दिन अपने पुरुषार्थ से बनोगे सफल मनुष्य !!1!!   उसकी बात का अवचेतन मन पर पड़ गया बीज… चलता…

चाँद पर हो आशियाँ – रुचि मित्तल

चाँद पर हो आशियाँ जहाँ सिर्फ मैं और तुम हो और दूसरा कोई बंधन न हो जहाँ रास्ते कदमों से नहीं नियत से खुलते हों जहाँ नाम आवाज़ न माँगे…

सपनों के पर – डॉ. सत्यवान सौरभ

चिड़िया सी उड़े, सपनों की डोर, आसमान छूने का हो हर ओर शोर। नन्हे पंखों में हो इतनी ताक़त, हर मुश्किल से लड़ने का हो हिम्मत।   तारों की चमक,…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

प्यार के सिलसिले हो गये, बेवजह  फासले  हो गये।   इश्क लगता फरेबी बड़ा, घाव फिर से हरे हो गये।   बिन मिले वो जुदा है अब, गाल भी अनछुए…

अंजू श्रीवास्तव ने किया नवोदय निर्झरिणी का विमोचन

vivratidarpan.com उन्नाव/कानपुर – नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘नवोदय निर्झरिणी ई मासिक पत्रिका ‘माह दिसंबर’2025 अंक का आभासी विमोचन वरिष्ठ कवयित्री अंजू श्रीवास्तव द्वारा 31 जनवरी को विमोचन किया…

गणतंत्र दिवस – सुनील गुप्ता

( 1 )” ग “, गर्व से बढ़ाए जा कर्तव्य पथ पे कदम ! गीत ख़ुशी के गाए जा……, राष्ट्र है सदा प्रथम !! जय भारती, जय भारती !!! (…

जय जय वीर बजरंग महान – रोहित आनंद

जय जय वीर बजरंग महान, संकट हरन बलबुद्धि निधान। राम काज में सदा तत्पर आन, भव सागर से तारो प्राण॥ जय जय केसरी नंदन बलवान, लाल ललाट सिंदूर समान। पवनसुत…

मानव का अधिकार कहाँ है? – अनिरुद्ध कुमार

वादों का बौछार यहाँ है। संसद में तकरार यहाँ है। भूख गरीबी छाती पीटे, हर कोई लाचार यहाँ है। मानव का अधिकार कहाँ है?   ऊंचा, नीचा  बोल रहें सब,…

भोजपुरी पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

सुने पतझड़ दिल में बन के बहार आ जइता । ना ना कईके जान अब त हमार हो जइता ।   बेचारा दिल मनाई त मनाई कइसे हम बोला। पियासल…

गोबर संवाद – प्रियंका सौरभ

कभी रिसर्च की चुप्पी में, दीवारों पर गोबर उतरा। तो कभी प्रतिरोध की गर्मी में, वही गोबर उल्टा फेरा।   मैडम बोलीं — ‘ये संस्कृति है’, छात्र बोले — ‘ये…