वक्त बता ही देता है – सुनील गुप्ता

( 1 ) वक्त बता ही देता, कि, कौन है कीमती हमारे लिए  !!   ( 2 ) फ़क़त यही ज़रूरी है, कि, पहचानलें अभी, समय रहते हुए !!  …

तेरे प्रेम में – सविता सिंह

प्रीत तुमको  हुआ और निखर मैं गयी। थाम तुमने लिया और बिखर मैं गयी। हो चुकी हूँ रति मैं तो तेरे प्रेम में। मौन स्पर्श था सखे और सिहर मैं…

तू मेरे लिए –  सविता सिंह

लेखनी ही है एक ऐसी विधा, जहाँ बाँच सकते उर की व्यथाI भावनाओं को शब्दों में पिरो कर, उकेर देते हैं उसे कागज परI खोल देते हैं सारी गाँठे, जो…

गजल (भोजपुरी) – श्याम कुंवर भारती

छलक आवेला आंखन आंसू बेवफा तोहार मुस्काइल बा कातिल। कुछउ भावे ना आंखी के आगे बेदर्दी तोहार शर्माइल बा कातिल।   तू सतावा जेतना केवनो बात ना हम कइली गुहार…

प्रसन्न रहें – सुनील गुप्ता

प्रसन्न रहें औरों में मत फंसें, स्वयं में रहें  !!1!!   जीवन हो कैसा जब जहाँ जैसे हो, मस्ती में जीएं  !!2!!   सीखें अपनी अनुभूति से हम, स्वयं में…

कविता – वैशाली रस्तोगी

गर्म चाय, एक मीठा सा अहसास, जीवन की ठंडक में एक गर्मी का वास। धुएं की खुशबू, कप में उठती भाप, मन को सुकाती, दिल को देती छाप। पत्तियों का…

पुरानी किताब – रुचि मित्तल

शायद किसी पुरानी किताब के बीच दबा हुआ वो सुर्ख गुलाब है जिसकी पंखुड़ियाँ तो सूख गई हैं पर खुशबू अब भी पन्नों में सांस लेती है। ​ये वो बेनाम…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

आत्म रक्षण के लिए अब, मत किसी से याचना कर । हार का भय त्याग दे यह , आत्मजय की कामना कर ।।   भीड़ है कुछ सिर फिरों की,…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

मुफलिसो मे लोग जीते ले नमी कैसे कहूँ। आँख मे आँसू भरे हैं फिर हँसी कैसे कहूँ।   सजदे मैने अब कियें हैं,वो निशां थे आपके। दिल मे उठते इस…

जाड़ों का मौसम और सुहानी धूप – सुनील गुप्ता

( 1 ) है जाड़ों का मौसम निकली सुहानी धूप सुनहरी  ! चले समाए तन-मन में आनंद…, खिलीं मधुर स्मृतियाँ मनोहारी !! ( 2 ) हैं शबनम की बूंदे पड़ी…