भगवान श्री मल्लिकार्जुन- जिनके दर्शन के बाद नहीं होता है पुनर्जन्म – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com –  देवाधिदेव महादेव के बारह ज्योर्तिलिंगों में से दूसरा ज्योर्तिलिंग मल्लिकार्जुन के रूप में श्री शैलम् पर विराजमान है। श्री शैलम् में विराजमान इन मल्लिकार्जुन को सर्व सुख प्रदायक…

आराधिका साहित्यिक पर मंच भव्य ‘गुरु पूर्णिमा’ विषयक काव्य गोष्ठी

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में 10जुलाई’ 2025 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जो 4:00 बजे से…

गुरुपूर्णिमा महोत्सव – गोस्वामी आनंद वल्लभ महाराज

vivratidarpan.com – गुरु पूर्णिमा का दिन भक्तगण बहुत श्रद्धा से मनाते हैं। इस दिन हर एक व्यक्ति गुरु स्थान पर उनका आशीर्वाद लेने जाते हैं। सतगुरु अर्थात परमपिता परमात्मा कहते…

चातुर्मास में भगवान विष्णु एवं महादेव शिव की उपासना – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com – चातुर्मास यानि आषाढ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तक का समय सब पापों का नाश करने वाला है। स्कंद‌पुराण में कहा गया है कि इस अवधि…

रामचरितमानस में व्यंग्य के प्रसंग – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – रामचरितमानस एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, भारतीय जनमानस का भावनात्मक दस्तावेज भी है। गोस्वामी तुलसीदास ने इसकी रचना भक्तिभाव से की, परंतु इसमें जीवन के विविध रंग उपस्थित…

महर्षि वेद व्यास से एआई तक गुरु की आवश्यकता अपरिवर्तनीय – डॉ.संजय कुमार पाठक

vivratidarpan.com –  महर्षि वेद व्यास ने महाभारत, पुराणों और भारतीय ज्ञान-परंपरा को संरचित किया, वे गुरु परंपरा के मूल प्रतीक हैं। उनकी भूमिका मात्र ज्ञान देने की नहीं, बल्कि धर्म,…

महिला संतो के अखाड़े ‘हाशिये’ पर क्यों? – विजय कुमार शर्मा

vivratidarpan.com -सनातन परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और तप का प्रतीक माना गया है- सरस्वती, दुर्गा, सीता, गार्गी, मैत्रेयी इसके प्रमाण हैं। फिर आज के युग में जब महिलाएं…

श्रीमद् भागवत कथाएं और विघटनकारी सियासत – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – श्रीमद् भागवत कथाएं सामाजिक समरसता का पर्याय रही हैं। न कभी कथावाचकों की जाति पूछी गई, न ही धर्म। यही कारण रहा कि प्रखर वक्ताओं ने अपनी वाणी…

जगन्नाथ का भात, जगत पसारे हाथ – दिनेश चंद्र वर्मा

vivratidarpan.com – हिन्दू धर्म की वर्ण व्यवस्था एवं जाति परम्परा की आलोचना करना आज एक फैशन सरीखा हो गया है, पर इस धर्म में कई तीर्थ स्थान ऐसे भी हैं, जहां…

64 ग्रंथों के रचयिता महात्मा बनादास जी महाराज – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com गोण्डा (उत्तर प्रदेश)   अवध की पुण्य सलिला सरयू की शस्य श्यामला पावन भूमि गोण्डा की धरती पर भगवान राम के गोवंश का अमृत मयी दुग्ध पान कर भक्ति के…