गौवंश बचेगा तो सनातन बचेगा:- विवेक ओबेरॉय

vivratidarpan.com मुंबई । सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता विवेक ओबेराय ने गौवंश और सनातन धर्म पर कहा है कि हमारे देश का आधार गौमाता है। अगर गौवंश रहेगा तो ही सनातन धर्म…

सर्वे भवन्तु सुखिनः ही दशहरे का आदर्श संदेश – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com- कौन नहीं जानता, कि वैज्ञानिक व तकनीकी युग में जहाँ तर्क आधारित जीवन शैली को समाज में अपनाया जा रहा है तथा व्यक्ति कर्म के सिद्धांत पर अमल कर…

शारदीय नवरात्रि की अष्टमी, नवमी और विजयादशमी पूजा के मुहूर्त – आचार्य राजेश

अष्टमी पूजन-  अष्टमी तिथि 29 सितंबर 2025 दोपहर 4:32 बजे से प्रारंभ होगी। • दिनांक: 29 सितंबर 2025 (सोमवार) • पूजन समय: • सायंकाल 5:30 बजे से 7:30 बजे तक…

सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि प्रदान करती है महागौरी की आराधना – विजय कुमार शर्मा

vivratidarpan.com – नवरात्रि के नौ पावन दिनों में महा दुर्गाष्टमी का विशेष महत्व है। इस दिन मां महागौरी की पूजा अत्यंत कल्याणकारी मानी जाती है। शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर…

माँ स्कंदमाता – सुनील गुप्ता

माँ स्कंदमाता माता कार्तिकेय की, जग जननी !!1!! है स्कंदमाता पद्म पुष्प धारिणी, माता कल्याणी !!2!! गिरि वासिनी ऊर्जा शक्तिदायिनी, मुक्तिदायिनी !!3!! है शुभ्र वर्ण्य माँ दिव्य प्रकाशिनी, भवतारिणी !!4!!…

पत्रकारिता के साथ धर्म की तरह व्यवहार किया दिनेश चन्द्र वर्मा ने – मुकेश “कबीर”

vivratidarpan.com – विनायक फीचर्स के संस्थापक स्वर्गीय दिनेश चंद्र वर्मा एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने आदर्श पत्रकारिता को ना सिर्फ परिभाषित किया बल्कि ताउम्र उसको जिया भी। पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ…

भोजपुरी देवी गीत – श्याम कुंवर भारती

  बड़ा सुघर खूब पंडाल बा लागल दर्शन करे के खूब धक्कम होत बाड़े, हमरो के देखा दा पीया मूर्ति दुर्गा मईया के। अंखियां जुड़ा जाई निहार दुर्गा मईया के।…

जय मा दुर्गा – कालिका प्रसाद सेमवाल

  नौ दिन में माता मेरी नौ रुप धारण करती, भक्ति भाव सनातनी के दिल  में मा  जगाती है।   कभी शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी बन कभी चंद्रघंटा मा बन जाती  है,…

प्राकृतिक ऊर्जा और देवी शक्ति के संचार के प्रतीक हैं नवरात्रि के नौ दिन – विजय कुमार शर्मा

vivratidarpan.com – हिंदू धर्म में माता दुर्गा की पूजा को नवरात्रि के रूप में नौ दिन तक मनाने की प्राचीन परंपरा रही है। यह केवल एक धार्मिक रिवाज नहीं है, बल्कि…

राजा कंस नारायण और दुर्गोत्सव की परम्परा – मृणांक शेखर घोषाल

vivratidarpan.com – दुर्गोत्सव की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। पौराणिक काल से ही दुर्गापूजा होती चली आ रही है। ऋग्वेद में अंबिका, तैत्तिरीयारण्यक में उमा एवं हेमवती, नारायण उपनिषद् और दुर्गागायत्री…