मानव कल्याण मंच द्वारा अपनी आजीविका चलाने के लिए रेहड़ी ( हाथ का ठेला ) प्रदान किया

vivratidarpan.com देवबन्द – मानव सेवा को समर्पित संस्था मानव कल्याण मंच द्वारा ” नर सेवा नारायण सेवा ” के सूत्र को अपनाकर किये जा रहे सेवा कार्यों की कड़ी में…

भगवान शिव की विराट दिव्यता का महापर्व महाशिवरात्रि – अंजनी सक्सेना 

vivratidarpan.com – देवों के देव भगवान भोलेनाथ के भक्तों के लिये श्री महाशिवरात्रि का व्रत विशेष महत्व रखता है। यह पर्व फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया…

गाँव की परिक्रमा कर धूमधाम से स्थापित की सतगुरु रविदास जी महाराज की प्रतिमा

vivratidarpan.com देवबन्द (महताब आज़ाद) – थाना क्षेत्र के गाँव अमरपुर नैन में संत शिरोमणि सतगुरु रविदास जी महाराज की भव्य प्रतिमा गाँव में भ्रमण करते हुए मंदिर में हवन पूजन…

प्रेम,श्रद्धा और सामाजिक समरसता का उच्चतम प्रतिमान माता शबरी – डॉ. राघवेंद्र शर्मा

vivratidarpan.com – आज के दौर में जब वैश्विक परिदृश्य पर भारत अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने के लिए अग्रसर है, तब आंतरिक रूप से समाज को जातियों के संकीर्ण खानों…

माघ मेला शिविर में संत समागम

vivratidarpan.com प्रयागराज (उ. प्र.) sudhir kumar  – निम्बकाचार्य पीठ में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संत समागम हुआ। निम्बकाचार्य पीठ प्रयाग के माघ मेला शिविर में आचार्य शिवेन्द्र सारस्वत…

बाबा वैद्यनाथ मंदिर में तिलकहरुवा की अनूठी परंपरा (बसंत पंचमी) – कुमार कृष्णन 

vivratidarpan.com – बाबा वैद्यनाथ के धाम देवघर के लिए बसंत पंचमी का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहता है। महत्वपूर्ण इसलिए, क्योंकि यहां पर माता सरस्वती की तो पूजा आराधना की ही जाती…

भगवान ऋषभदेव: सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र के प्रवर्तक – अतिवीर जैन “पराग”

vivratidarpan.com- जनसाधारण में यह भ्रांति है कि जैन धर्म के संस्थापक भगवान महावीर थे जबकि जैन धर्म में कुल मिलाकर 24 तीर्थंकर हुए हैं जिनमें प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव थे।…

मकर संक्रांति : उत्तराखंड में घुघुती – कविता बिष्ट

vivratidarpan.com Dehradun – ईश्वर करे यह पावन पर्व आपके जीवन को उत्साह, उल्लास और खुशियों से भर दे। सूर्य के उत्तरायण होने के इस शुभ अवसर पर जीवन में नव…

श्री गुरू गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा व उत्साह से मनाया

vivratidarpan.com देवबंद – दशमेश पिता साहिब श्री गुरू गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। संगत ने गुरवाणी श्रवण कर वाहेगुरू जी को नमन किया।…

कालबोध का द्वंद्व या एक सांस्कृतिक धर्मयुद्ध – पवन वर्मा

vivratidarpan.com – ​किसी भी जीवंत राष्ट्र के लिए ‘नववर्ष’ उसकी सामूहिक चेतना, उसकी जीवन-दृष्टि और प्रकृति के साथ उसके तादात्म्य का उद्घोष होता है। भारतवर्ष में कालबोध कभी भी यांत्रिक नहीं…