10 मेधावी छात्र-छात्राओं एवं 11 समाजसेवियों का हुआ सम्मान, कृषि के वैश्विक अवसरों पर हुई संगोष्ठी

vivratidarpan.com मुजफ्फरपुर (कुमार संदीप)  26 जुलाई। सपोर्ट फाउंडेशन के तत्वावधान में बंदरा प्रखंड के पियर स्थित लक्ष्मी राजदेव इंटर कॉलेज परिसर में रविवार को “श्रद्धेय राजदेव प्रसाद ठाकुर स्मृति प्रतिभा सम्मान समारोह-2026” सह राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “कृषि एवं खाद्य प्रणाली का सुदृढ़ीकरण : स्थानीय से वैश्विक अवसरों का नया द्वार” रहा। समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 11 समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिन्ह एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संपर्क प्रमुख श्री अनिल कुमार ठाकुर ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रत्नेश कुमार झा, निदेशक, प्रसार शिक्षा, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा तथा श्री भारत भूषण, जिला कृषि पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सुधाकर प्रसाद लाल, प्रभारी कृषि प्रसार शिक्षा निदेशालय, श्री आलोक कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर तथा प्रो. अरुण कुमार शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेड क्रॉस सोसायटी, बिहार के उपाध्यक्ष श्री उदय शंकर प्रसाद सिंह ने की।

सम्मान समारोह के दौरान बंदरा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षा, समाज सेवा एवं जनहित के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 11 समाजसेवियों को भी सम्मान देकर उनके कार्यों की सराहना की गई।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए अनुमंडल कृषि पदाधिकारी श्री आलोक कुमार ने किसानों से मौसम के अनुरूप फसलों का चयन करने तथा वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियाँ किसानों की समृद्धि का आधार बन सकती हैं।

वक्ता अभिज्ञान ने किसानों से बिचौलियों पर निर्भरता कम कर सीधे बाजार से जुड़ने की अपील की, ताकि उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके।

प्रो. अरुण कुमार ने कहा कि भारत खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन चुका है। अब गुणवत्ता, प्रसंस्करण तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप कृषि उत्पादों को विकसित करने की आवश्यकता है।

मुख्य अतिथि डॉ. रत्नेश कुमार झा ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर विशेष बल देते हुए कहा कि भारत की स्थानीय एवं पारंपरिक कृषि प्रणाली को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने की दिशा में समन्वित प्रयास होने चाहिए। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और भारतीय कृषि को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

उद्घाटनकर्ता श्री अनिल कुमार ठाकुर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाने के लिए किसानों को आत्मविश्वास के साथ जोखिम उठाने की मानसिकता विकसित करनी होगी। संगठन, आधुनिक तकनीक और सकारात्मक सोच के समन्वय से कृषि क्षेत्र नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।

कार्यक्रम का संचालन सपोर्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री रंगीश ठाकुर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री मनोज कुशवाहा ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर पूर्व जिला मत्स्य पदाधिकारी श्री कर्मवीर प्रसाद द्विवेदी, श्री देवेन्द्र पांडेय, दिवाकर प्रसाद ठाकुर, श्री मनोज झा, श्री मनीष कुमार झा, श्री धीरज कुमार, श्री संदीप कुमार, श्री अनिल सिन्हा, श्री रविनन्दन तथा श्री इन्द्रजीत ईश्वर सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, किसान, छात्र-छात्राएँ, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में सपोर्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री रंगीश ठाकुर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था प्रतिभाओं के सम्मान, कृषि नवाचार तथा सामाजिक जागरूकता के लिए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *