लिए हाथों में
एक तिरंगा प्यारा..,
निकल पड़ा हूँ गली शहर !!1!!
लहराए नभ में
सुंदर तिरंगा न्यारा..,
गर्व से नाचूं बढ़ता डगर !!2!!
चले जीवन में
हर्षाए तिरंगा हमारा..,
राष्ट्रगान गाऊँ सिर ऊंचा कर !!3!!
जन गण मन में
भरे उल्लास तिरंगा..,
फहराए हिम गिरी पर्वत ऊपर !!4!!
तीन रंगों में
रचा बसा है तिरंगा..,
इसकी रक्षा में करें प्राण निछावर !!5!!
– सुनील गुप्ता
जयपुर,राजस्थान |
